IPS तदाशा मिश्रा को डीजी रैंक में प्रोन्नति, झारखंड पुलिस में चौथे DG बनीं
राज्य की प्रभारी DGP को बड़ी जिम्मेदारी, 1994 बैच की वरिष्ठ अधिकारी हैं मिश्रा
झारखंड: झारखंड पुलिस के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। राज्य की प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा को सरकार ने डायरेक्टर जनरल (DG) रैंक में प्रोन्नत कर दिया है। उनके प्रमोशन के बाद अब झारखंड पुलिस में DG रैंक के कुल चार अधिकारी हो गए हैं, जिससे शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक मजबूती और बढ़ी है।
प्रमोशन के बाद बढ़ा पुलिस नेतृत्व का दायरा
तदाशा मिश्रा झारखंड कैडर की 1994 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने सेवा काल में CID, Special Branch, Vigilance और विभिन्न जिला पुलिस पदों पर काम करते हुए मजबूत और प्रभावी नेतृत्व का परिचय दिया है। प्रभारी DGP के रूप में उनकी कार्यशैली और कमान संभालने की क्षमता की काफी सराहना की गई है। DG रैंक में प्रमोशन के बाद अब वे राज्य की शीर्ष पुलिस संरचना में औपचारिक रूप से शामिल हो गई हैं।
अब झारखंड पुलिस में चार DG रैंक अधिकारी
प्रमोशन के बाद झारखंड पुलिस में DG रैंक के IPS अधिकारियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इनमें शामिल हैं—
- अनिल पालटा (DG – फायर सर्विसेज एवं होमगार्ड)
- प्रशांत सिंह (DG – ट्रेनिंग)
- मनविंदर सिंह भाटिया (DG – ACB/विशेष पदस्थापन)
- तदाशा मिश्रा (प्रभारी DGP एवं अब DG रैंक अधिकारी)
इन चारों अधिकारियों के पास राज्य की सुरक्षा प्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था और विशेष शाखाओं की निगरानी की जिम्मेदारी है। तदाशा मिश्रा के शामिल होने से शीर्ष स्तर पर नेतृत्व और अधिक मज़बूत होगा।
महिला IPS में मजबूत नेतृत्व की मिसाल
तदाशा मिश्रा का DG रैंक तक पहुँचना महिला अधिकारियों के सशक्तिकरण का एक और उदाहरण है। उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक काम किया है और अपने निर्णयों में संवेदनशीलता और सख्ती दोनों का संतुलन रखा है। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और संवेदनशील मामलों में उनकी प्राथमिकता को भी काफी सराहना मिली है।
पुलिस नेतृत्व के लिए नया अध्याय
DG रैंक की नियुक्तियाँ आमतौर पर राज्य की कानून-व्यवस्था, इंटेलिजेंस, प्रशिक्षण और प्रशासन की दिशा तय करती हैं। तदाशा मिश्रा की पदोन्नति से पुलिस नेतृत्व में नई ऊर्जा और समन्वय की उम्मीद की जा रही है। राज्य सरकार और गृह विभाग का उद्देश्य है कि शीर्ष स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की मौजूदगी बढ़े ताकि प्रशासनिक तंत्र और तेज़ एवं प्रभावी ढंग से काम कर सके।






