JSSC CGL पेपर लीक का मास्टरमाइंड विनय साह गिरफ्तार

Competitive Exam Fraud

नेपाली सिम से लोकेशन छिपा रहा था, UP STF ने गोरखपुर से दबोचा

झारखंड: जेएसएससी CGL कथित पेपर लीक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी विनय साह उर्फ हरिहर सिंह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गुरुवार को उत्तर प्रदेश STF ने गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित हनुमंत नगर कॉलोनी से उसे गिरफ्तार किया। वह पिछले कई महीनों से बार–बार ठिकाना बदलकर फरारी काट रहा था।

विनय साह पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना में सेक्शन इंजीनियर के पद पर तैनात था। सरकारी नौकरी की आड़ में वह बेहद चालाकी से अपने को बचाता रहा। उसकी गिरफ्तारी के बाद रेलवे विभाग में भी हलचल मच गई है।

UP STF की घेराबंदी में दबोचा गया मुख्य आरोपी
कई दिनों से निगरानी, गोरखपुर के यांत्रिक कारखाना क्षेत्र में छापेमारी सूत्रों के अनुसार, झारखंड पुलिस की विशेष टीम ने यूपी एसटीएफ से संपर्क कर सहयोग मांगा था। CO STF धर्मेश शाही के नेतृत्व में गोरखपुर STF यूनिट कई दिनों से विनय की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।

गुरुवार सुबह सूचना मिली कि वह यांत्रिक कारखाना क्षेत्र में है। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। शुरुआती पूछताछ में उसने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन रांची क्राइम ब्रांच से सत्यापन के बाद वह तुरंत पकड़ा गया।

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गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से—

  • एक नेपाली सिम कार्ड
  • एक भारतीय सिम कार्ड
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बरामद हुए, जिनका वह लोकेशन छिपाने के लिए उपयोग कर रहा था।

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पेपर लीक की साजिश ऐसे रची गई थी
रांची के J स्क्योर होटल में प्लानिंग, अभ्यर्थियों को नेपाल ले जाकर प्रश्नपत्र रटवाया गया | पूछताछ में विनय ने स्वीकार किया कि 22 सितंबर 2024 को हुई JSSC CGL परीक्षा का प्रश्नपत्र उसी ने लीक कराया था।
उसने यह साजिश अपने साथियों—

  • मनोज कुमार
  • शशिभूषण दीक्षित
  • संदीप त्रिपाठी के साथ रची थी।

इस गिरोह ने— रांची के J स्क्योर होटलमें पूरी प्लानिंग की।

  • परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को मोतिहारी–रक्सौल बॉर्डर के रास्ते नेपाल ले जाया गया।
  • वहां अभ्यर्थियों को पूरा प्रश्नपत्र रटवाया गया।

इसके बदले मनोज ने विनय के खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।

फरार रहने के दौरान बार–बार बदलता रहा ठिकाना
गोरखपुर में नकली पहचान के साथ रह रहा था आरोपी| गिरफ्तार विनय साह मूल रूप से रांची का निवासी है।
फरार होने के बाद वह गोरखपुर में—

  • बार–बार लोकेशन बदलता रहा
  • अपनी पहचान छिपाने के लिए दूसरे नाम का उपयोग करता रहा
  • नेपाली सिम कार्ड से संपर्क करता था

STF की निगरानी में वह धीरे-धीरे ट्रैक पर आ गया और पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

रांची क्राइम ब्रांच लेगी ट्रांजिट रिमांड
पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए विस्तृत पूछताछ UP STF ने विनय को शाहपुर थाने में सुपुर्द किया है। अब झारखंड पुलिस ट्रांजिट रिमांड लेकर विनय को रांची लाएगी, जहां उससे गहन पूछताछ होगी।

क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार—

  • परीक्षा पेपर कैसे हासिल किया गया?
  • कितने अभ्यर्थी इसमें शामिल थे?
  • गिरोह में और कौन–कौन शामिल है?
  • पेपर लीक के लिए कितना पैसा लिया गया?

इन सभी सवालों की जांच अब तेजी से होगी।

जेएसएससी पेपर लीक जांच में बड़ी सफलता
विनय साह की गिरफ्तारी इस पूरे पेपर लीक मॉड्यूल की रीढ़ पर चोट मानी जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसकी पूछताछ से कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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