हजारीबाग महिला थाना में खुदकुशी की कोशिश से मचा हड़कंप
हजारीबाग: हजारीबाग महिला थाना परिसर उस समय हड़कंप मच गया, जब न्याय की आस टूटने पर एक नर्स ने ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के तुरंत बाद थाना परिसर में अफरातफरी मच गई और मौजूद कर्मियों ने गंभीर हालत में युवती को इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से युवती की जान बच गई और फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पीड़िता ने एक मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि उसने इस संबंध में पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी। लगातार न्याय न मिलने की पीड़ा ने उसे यह खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।

इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता के परिजनों और परिचितों का आरोप है कि यदि समय रहते मामले में संवेदनशीलता दिखाई जाती और प्रभावी कार्रवाई होती, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। महिला थाना जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना ने पुलिस की जवाबदेही और पीड़ितों के प्रति रवैये पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसका विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना न केवल एक युवती के टूटते भरोसे की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि न्याय में देरी कैसे किसी को आत्मघाती कदम उठाने तक मजबूर कर सकती है।





