हथिया पत्थर मेला में विधि-व्यवस्था को लेकर बेरमो SDM का निरीक्षण, मेला समिति को दिए सख्त निर्देश
Bermo (Jharkhand): पिछरी स्थित हथिया पत्थर धाम में 14 जनवरी को लगने वाला मकर संक्रांति मेला अब केवल एक स्थानीय आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह धीरे-धीरे झारखंड की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। हर वर्ष इस मेले में झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में पहुँचते हैं। आस्था, परंपरा और लोकसंस्कृति का यह संगम क्षेत्र की सामाजिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है।
मेले में संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विधि-व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बेरमो एसडीएम, डीएसपी, पेटरवार के अंचल अधिकारी, पेटरवार थाना प्रभारी तथा बेरमो थाना प्रभारी ने दलबल के साथ हथिया पत्थर धाम पहुँचकर मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेला समिति के सदस्यों से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि मेला के दौरान ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी। वहीं, मेला परिसर और आसपास के इलाकों में जगह-जगह पुलिस जवानों की तैनाती रहेगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को पहले ही रोका जा सके और मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष योजना बनाई गई है। प्रशासन के अनुसार, मेला वाले दिन फुसरो से तांतरी मोड़ तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इससे मेला क्षेत्र में ट्रैफिक जाम और दुर्घटना की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा। साथ ही श्रद्धालुओं को निर्बाध आवागमन सुविधा देने का प्रयास रहेगा।
प्रशासन ने मेला समिति को निर्देश दिया कि वे साफ-सफाई, पार्किंग व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, आपात सहायता और सूचना व्यवस्था को मजबूत रखें। अधिकारियों ने कहा कि मेला को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है, इसलिए समिति सहित आम लोगों से भी नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
हथिया पत्थर मेला आज झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बन चुका है। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की पूरी संभावना है।






