रांची मेयर चुनाव में दिखा सियासी रंग: रोशनी खलखो का शक्ति प्रदर्शन
Ranchi: रांची में भले ही नगर निकाय चुनाव औपचारिक रूप से गैर-दलीय आधार पर हो रहे हों, लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी साफ संकेत दे रही है कि यह चुनाव पूरी तरह सियासी रंग में रंग चुका है।
नामांकन के अंतिम दिन महापौर पद के लिए पर्चा दाखिल करने पहुंचीं भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोशनी खलखो के जुलूस में भी यही नजारा देखने को मिला।
नामांकन जुलूस बना शक्ति प्रदर्शन
पुराना जेल चौक से पदयात्रा करते हुए समाहरणालय पहुंची रोशनी खलखो के समर्थन में भारी भीड़ उमड़ी। जुलूस में Bharatiya Janata Party के कई विधायक, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
सिर पर पगड़ी और गले में भगवा गमछा डाले समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे रास्ते नारेबाजी और जोशीले माहौल ने इस नामांकन को चुनावी शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।
रोशनी खलखो का हमला
नामांकन दाखिल करने के बाद रोशनी खलखो ने अपनी जीत का दावा करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम की मौजूदा स्थिति बताती है कि शहर की व्यवस्था को सुधारना बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि वह जनता का आशीर्वाद लेने मैदान में उतरी हैं और शहर की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करना उनका लक्ष्य होगा।
सीपी सिंह ने जताया भरोसा
इस मौके पर रांची विधायक सीपी सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने रोशनी खलखो को मेहनती और जमीनी नेता बताते हुए कहा कि वह पहले दो बार पार्षद रह चुकी हैं और एक बार निर्विरोध चुनी गई थीं।
सीपी सिंह ने दावा किया कि जनता से जुड़ाव और समस्या समाधान की तत्परता उनकी सबसे बड़ी ताकत है, जिससे उनकी जीत तय मानी जा रही है।
गैर-दलीय चुनाव, लेकिन पूरी तरह सियासी मुकाबला
नगर निकाय चुनाव भले ही दलीय प्रतीक पर नहीं हो रहा, लेकिन नामांकन के दौरान दिखाई दे रही राजनीतिक सक्रियता यह साफ कर रही है कि रांची का मेयर चुनाव पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि यह शक्ति प्रदर्शन मतदान तक किस तरह असर डालता है।








