राधा गोविंद विश्वविद्यालय में ‘सेफर इंटरनेट डे 2026’ पर जागरूकता कार्यक्रम
डिजिटल युग में एआई परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है: कुलाधिपति बी.एन. साह
रामगढ़: 10 फरवरी 2026 को राधा गोविंद विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा ‘सेफर इंटरनेट डे 2026’ के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय था— “स्मार्ट टेक, सुरक्षित विकल्प – एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की खोज”। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नैतिक, सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति सजग करना था।
डिजिटल सुरक्षा पर विशेष फोकस
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र के दौरान एआई तकनीक की तेजी से बढ़ती उपयोगिता के साथ-साथ उससे जुड़े जोखिमों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
विशेष रूप से निम्न विषयों पर प्रकाश डाला गया—
- डेटा गोपनीयता और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा
- साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी
- डीपफेक और फेक न्यूज़ का खतरा
- सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की आवश्यकता
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को आगाह किया कि तकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही संवेदनशील भी है। इसलिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी, जागरूकता और सतर्कता अनिवार्य है।

एआई: परिवर्तन का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने कहा,
“डिजिटल युग में एआई परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह शिक्षा, उद्योग और समाज के हर क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है कि वे तकनीक का उपयोग समझदारी और जिम्मेदारी के साथ करें।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे तकनीक के उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिक भी बनें।
वैश्विक तकनीकी बदलाव से जुड़ाव
विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों को बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों से जोड़ते हैं और उन्हें प्रतिस्पर्धी दुनिया में आगे बढ़ने की दिशा प्रदान करते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. अवनीश कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संचालन किया और बताया कि इंजीनियरिंग संकाय भविष्य में भी साइबर सुरक्षा और एआई नैतिकता पर ऐसे संवाद आयोजित करता रहेगा।
व्यापक सहभागिता
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, इंजीनियरिंग संकाय के व्याख्यातागण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में विद्यार्थियों के बीच गहरी रुचि और जिज्ञासा देखने को मिली।








