बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन, BNP प्रमुख तारिक़ रहमान बने नए प्रधानमंत्री
ढाका: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक़ रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को आयोजित भव्य समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में BNP और उसके सहयोगी दलों को दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद नई सरकार का गठन हुआ है, जिसे दक्षिण एशियाई राजनीति में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
दो-तिहाई बहुमत के साथ BNP की वापसी
हालिया चुनाव में BNP ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल किया। चुनाव आयोग के अनुसार, पार्टी और उसके गठबंधन ने कुल 212 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरुद्दीन ने नव निर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई और इसके बाद प्रधानमंत्री पद के लिए तारिक़ रहमान का नाम औपचारिक रूप से घोषित किया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह जीत BNP के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय बाद पार्टी ने सत्ता में वापसी की है। चुनाव परिणामों ने देश की राजनीतिक दिशा को पूरी तरह बदल दिया है।
अवामी लीग सरकार के पतन के बाद नई सरकार
शेख़ हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार लगभग 18 महीनों तक सत्ता में रही थी। इसी अवधि में चुनावी सुधार और राजनीतिक माहौल को स्थिर करने की कोशिशें की गईं। अंतरिम प्रशासन के बाद हुए इस चुनाव को देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा था।
तारिक़ रहमान ने शपथ लेने के बाद कहा कि उनकी सरकार देश में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने पर जोर देगी। उन्होंने विपक्ष से भी सहयोग की अपील की और कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए।
शपथ समारोह के दौरान संवैधानिक बदलाव पर विवाद
नई सरकार के गठन के साथ ही एक नया विवाद भी शुरू हो गया है। सांसदों के शपथ ग्रहण के दौरान संविधान में संभावित संशोधन के लिए गठित संवैधानिक सुधार परिषद के सदस्य के तौर पर भी कुछ नेताओं को शपथ दिलाई गई। विपक्षी दलों और कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक बदलाव पर व्यापक चर्चा जरूरी है।
हालांकि BNP नेताओं का कहना है कि संवैधानिक सुधार देश की राजनीतिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम है और यह पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
दक्षिण एशिया की राजनीति पर पड़ेगा असर
तारिक़ रहमान के प्रधानमंत्री बनने को क्षेत्रीय राजनीति में भी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार बनने के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति, आर्थिक सहयोग और पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि नई सरकार किन प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ती है।
नई सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि BNP सरकार देश की आर्थिक चुनौतियों, राजनीतिक ध्रुवीकरण और संवैधानिक सुधार जैसे अहम मुद्दों को किस तरह संभालती है।








