जंग के बीच ट्रंप की चेतावनी, ईरान पर और तगड़ा हमला; तेल अवीव में धमाका
मुनादी लाइव : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। संघर्ष के 14वें दिन भी हवाई हमले और मिसाइल हमले जारी हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ और बड़े सैन्य हमले की चेतावनी दी है। वहीं इजराइल के तेल अवीव में भी धमाकों की खबर सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
तेहरान समेत कई शहरों पर बमबारी
रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार रात ईरान की राजधानी तेहरान में कई जोरदार धमाके सुने गए। इसके अलावा अहवाज, अराक और काशान शहरों में भी अमेरिकी और इजराइली बलों ने हवाई हमले किए।
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने पश्चिमी और मध्य ईरान में 200 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सेना के मुताबिक फाइटर जेट्स ने करीब 20 बड़े हमले किए, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार बनाने वाले ठिकाने शामिल थे।
तेजी से बढ़ रही हताहतों की संख्या
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। अब तक करीब 32 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं।
लगातार हो रही बमबारी के कारण कई शहरों में बड़े पैमाने पर तबाही और विस्थापन की खबरें सामने आ रही हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई भी जारी
ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले बयान में कहा कि जब तक मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सैन्य अड्डे बंद नहीं किए जाते, तब तक हमले जारी रहेंगे।
ट्रंप का बयान
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान युद्ध को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा, “ईरान में चल रहा युद्ध बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है।” ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।
लेबनान में भी जारी हमले
इजराइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों पर भी बमबारी जारी रखी है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक ऐन एबेल शहर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि टायर जिले में हुए हमले में भी तीन लोगों के मारे जाने की खबर है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।








