CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने का नोटिस, संसद में विपक्ष का बड़ा कदम

Gyanesh Kumar

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अगुवाई में विपक्षी दलों ने उन्हें पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस दाखिल किया है। बताया जा रहा है कि यह नोटिस महाभियोग जैसे प्रस्ताव की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।

संसद में दिया गया नोटिस
सूत्रों के मुताबिक विपक्ष की ओर से संसद में लगभग 10 पन्नों का नोटिस जमा कराया गया है। इस नोटिस में कुल सात प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की गई है।

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विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं और इन मुद्दों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

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रमेश सिंह
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SIR को लेकर बढ़ा विवाद
पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच पिछले कुछ समय से लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की कुछ कार्रवाइयों से राज्य की राजनीति और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर विवाद खड़ा हुआ है। इस मुद्दे को लेकर कई बार सार्वजनिक रूप से बयानबाजी भी हो चुकी है।

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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
यह विवाद अब अदालत तक भी पहुंच चुका है। SIR से जुड़े मुद्दे पर मामला सुप्रीम कोर्ट में भी दाखिल किया गया है, जहां इसकी सुनवाई चल रही है। इतना ही नहीं, ममता बनर्जी चुनाव आयोग की कार्यशैली के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए धरने पर भी बैठ चुकी हैं।

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राजनीतिक टकराव तेज
CEC को हटाने के प्रस्ताव का नोटिस सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।

वहीं सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीति में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक प्रशासनिक विवाद नहीं बल्कि आने वाले चुनावों से पहले का बड़ा राजनीतिक टकराव भी बन सकता है।

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