1 अप्रैल से बदलेंगे कई बड़े नियम: LPG, टैक्स, ATM से लेकर पेट्रोल तक असर
मुनादी लाइव :खाड़ी देशों में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच आम लोगों की जेब पर एक और दबाव बढ़ने की आशंका है। घरेलू LPG सिलेंडर के दाम पहले ही 60 रुपये तक बढ़ चुके हैं, वहीं कच्चे तेल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। ऐसे में 1 अप्रैल को होने वाली कीमत समीक्षा को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर के दाम तय करती हैं। ऐसे में अब सभी की नजर 1 अप्रैल पर टिकी है कि कीमतें और बढ़ेंगी या फिलहाल स्थिर रहेंगी।
LPG के दाम बढ़ेंगे या नहीं?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर LPG पर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला 1 अप्रैल को ही सामने आएगा। अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी संभव है।
1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स कानून लागू
1 अप्रैल 2026 से देश में नया इनकम टैक्स कानून लागू होने जा रहा है, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाना है।
नए नियमों के तहत:
- ITR फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है
- रिवाइज्ड रिटर्न की अंतिम तारीख 31 मार्च होगी (पेनल्टी के साथ)
- ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह अब ‘टैक्स ईयर’ शब्द का उपयोग होगा
- TDS, TCS और TAN से जुड़े नियमों में भी बदलाव होंगे
ATM और बैंकिंग नियमों में बदलाव
1 अप्रैल से बैंकिंग और ATM से जुड़े कुछ नियम भी बदलने वाले हैं। इससे कैश ट्रांजैक्शन और सर्विस चार्ज पर असर पड़ सकता है, जिससे ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।
पेट्रोल-डीजल और मिलावट का मुद्दा
पेट्रोल-डीजल को लेकर भी बड़े बदलाव की चर्चा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईंधन में एथेनॉल ब्लेंडिंग (मिलावट) का स्तर बढ़ाया जा सकता है, जिससे कीमतों और इंजन पर असर पड़ सकता है।
आम आदमी की जेब पर असर
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से लागू होने वाले ये बदलाव सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर असर डाल सकते हैं। LPG की कीमत, टैक्स नियम, बैंकिंग चार्ज और पेट्रोल-डीजल—all मिलाकर खर्च बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, LPG के दाम बढ़ेंगे या नहीं, इसका अंतिम फैसला 1 अप्रैल को तेल कंपनियों की समीक्षा के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल लोगों को इस दिन का इंतजार है, क्योंकि इससे उनके मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा।








