NCERT किताब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ‘Corruption in Judiciary’ चैप्टर के लेखक नहीं हटेंगे
दो महीने पुराना आदेश बदला, अदालत बोली- केंद्र और राज्य सरकारें खुद लें फैसला
नई दिल्ली: Supreme Court of India ने NCERT किताब विवाद मामले में बड़ा बदलाव करते हुए अपना दो महीने पुराना आदेश संशोधित कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ‘Corruption in Judiciary’ चैप्टर लिखने वाले लेखकों को हटाने का निर्देश अब लागू नहीं रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार केंद्र और राज्य सरकारों के पास है।
क्या था मामला?
विवाद NCERT की एक किताब में शामिल ‘Corruption in Judiciary’ अध्याय को लेकर सामने आया था। इस चैप्टर की सामग्री और लेखकों को लेकर कई पक्षों ने आपत्ति जताई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने पहले आदेश में संबंधित लेखकों को हटाने को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर व्यापक बहस छिड़ गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने बदला पुराना आदेश
अब अदालत ने अपने पुराने आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि लेखकों को हटाने का निर्देश जारी नहीं रहेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि पाठ्यपुस्तकों से जुड़े ऐसे मामलों में नीति निर्धारण और प्रशासनिक निर्णय केंद्र तथा राज्य सरकारों को लेने चाहिए।
शिक्षा नीति और अभिव्यक्ति पर बहस
इस फैसले के बाद शिक्षा जगत और कानूनी हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक चैप्टर का नहीं, बल्कि शिक्षा सामग्री, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत आलोचना जैसे बड़े मुद्दों से जुड़ा हुआ है।
सरकारों पर बढ़ी जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद अब यह जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों पर आ गई है कि वे इस अध्याय और संबंधित लेखकों को लेकर क्या निर्णय लेते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और शैक्षणिक स्तर पर चर्चा और तेज हो सकती है।




