मिडिल ईस्ट युद्ध का असर, भारत में प्रीमियम पेट्रोल 2 से 2.30 रुपये तक महंगा
मुनादी लाइव : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी दिखने लगा है। रसोई गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के बाद अब पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम में 2 रुपये से 2.30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई हैं।
इस फैसले के बाद उन उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। कीमतों में यह इजाफा ऐसे समय हुआ है जब पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
नॉर्मल पेट्रोल के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं
ऑयल कंपनियों ने फिलहाल सामान्य पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि रेगुलर पेट्रोल की दरें अभी स्थिर हैं। लेकिन प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ने से यह साफ संकेत मिला है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर धीरे-धीरे भारतीय बाजार तक पहुंच रहा है।
मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट दुनिया के सबसे अहम तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में वहां युद्ध या तनाव बढ़ने पर वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा रहता है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश में इसका असर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर जल्दी दिखाई देने लगता है। यही वजह है कि प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों को महंगाई के नए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
महंगाई का एक और दबाव
प्रीमियम पेट्रोल की कीमत बढ़ने से निजी वाहन चालकों, प्रीमियम कार उपभोक्ताओं और कुछ कमर्शियल सेगमेंट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि यह बढ़ोतरी अभी सीमित वर्ग को प्रभावित करती है, लेकिन बाजार संकेत दे रहा है कि अगर वैश्विक हालात और बिगड़े तो आने वाले दिनों में ईंधन की दूसरी श्रेणियों पर भी असर पड़ सकता है।
लोगों की जेब पर बढ़ेगा दबाव
ऑयल कंपनियों के इस फैसले से पहले ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे लोगों के मासिक खर्च पर और दबाव बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की कीमतों पर और असर देखने को मिल सकता है।





