CBSE 10वीं में प्रण्या प्रिया ने मारी बाजी, 99.6% के साथ बनीं स्टेट टॉपर
DPS रांची की छात्रा ने रचा इतिहास, 100% रिजल्ट के साथ स्कूल भी चर्चा में
रांची: रांची सहित पूरे झारखंड में CBSE 10वीं परीक्षा 2026 के परिणामों ने इस बार भी छात्रों की मेहनत और प्रतिभा को उजागर किया है। खास बात यह रही कि इस बार भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसी क्रम में रांची की होनहार छात्रा प्रण्या प्रिया ने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में टॉप किया है। उनकी सफलता पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है।
दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा प्रण्या प्रिया ने न केवल अपने स्कूल में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि राज्य के टॉपर्स में भी अपनी जगह बनाई है। स्कूल का कुल परिणाम भी 100 प्रतिशत रहा, जिससे एक बार फिर संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता साबित हुई है।
बिना दबाव के पढ़ाई बनी सफलता की कुंजी
प्रण्या प्रिया ने अपनी सफलता का राज साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कभी टॉपर बनने के दबाव में पढ़ाई नहीं की। उनका फोकस हमेशा नियमित अध्ययन और विषयों को गहराई से समझने पर रहा। उन्होंने कहा कि अगर पढ़ाई को बोझ समझने के बजाय उसे समझने की कोशिश की जाए, तो सफलता अपने आप मिलती है। उनका मानना है कि निरंतरता और अनुशासन ही अच्छे परिणाम की असली कुंजी है।
परिवार से मिला शैक्षणिक माहौल
प्रण्या एक शैक्षणिक माहौल वाले परिवार से आती हैं। उनके पिता डॉ. मनोज कुमार प्रसाद रिम्स के मेडिसिन विभाग में चिकित्सक हैं, जबकि उनकी मां दीप्ति लता पीएचडी कर रही हैं। परिवार ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और उन पर भरोसा जताया। यही विश्वास प्रण्या की सफलता की बड़ी वजह बना।
मोबाइल का सही उपयोग बना मददगार
प्रण्या ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ाई के लिए मोबाइल दिया था, जिसका उन्होंने सही उपयोग किया। उन्होंने मोबाइल का इस्तेमाल केवल पढ़ाई से जुड़े कंटेंट देखने और सीमित मनोरंजन के लिए किया। उन्होंने अपने जूनियर छात्रों को सलाह दी कि मोबाइल का इस्तेमाल करें, लेकिन उसका दुरुपयोग न करें, क्योंकि यह पढ़ाई में बाधा बन सकता है।
डॉक्टर बनने का सपना
प्रण्या प्रिया का सपना अपने पिता की तरह डॉक्टर बनने का है। उन्होंने कहा कि वह आगे चलकर मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं और समाज की सेवा करना चाहती हैं। उनकी इस सोच से यह स्पष्ट है कि वह केवल सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि समाज के लिए कुछ बेहतर करने का लक्ष्य रखती हैं।

परिवार में खुशी का माहौल
प्रण्या की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता के साथ-साथ दादा-दादी भी बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि बचपन से ही वह पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित रही हैं। दादा-दादी ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी पोती ने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है और यह उनके लिए गर्व का क्षण है।
छात्रों के लिए प्रेरणा बनी प्रण्या
झारखंड के इस शानदार प्रदर्शन के बीच प्रण्या प्रिया की सफलता न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा भी बन गई है। उनका संदेश साफ है कि बिना दबाव के, सही दिशा में लगातार मेहनत करने से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।








