रांची मुठभेड़: कुख्यात अपराधी सत्यम पाठक घायल, पुलिस जवान भी जख्मी
कांके डैम के पास हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग, एक जवान भी जख्मी
रांची: राजधानी रांची के पंडरा क्षेत्र में जमीन कारोबारी की हत्या के मामले में वांछित कुख्यात अपराधी सत्यम पाठक और पुलिस के बीच बुधवार सुबह जबर्दस्त मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में सत्यम पाठक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि पुलिस का एक जवान भी जख्मी हुआ है। यह मुठभेड़ उस समय हुई, जब पुलिस आरोपी को हथियार बरामदगी के लिए कांके डैम लेकर गई थी।
हथियार बरामदगी के दौरान भागने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, पंडरा में जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या के आरोपी सत्यम पाठक ने पूछताछ में खुलासा किया था कि उसने कांके डैम के पास दो हथियार छुपा रखे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम उसे लेकर मौके पर पहुंची थी। लेकिन वहां पहुंचते ही सत्यम पाठक ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई
अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि उसके हाथ में भी चोट आई है। वहीं, इस मुठभेड़ में एक पुलिस जवान भी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
अस्पताल में चल रहा इलाज
घायल सत्यम पाठक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कई मामलों में वांछित था आरोपी
जांच में यह भी सामने आया है कि सत्यम पाठक का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। वह केवल पंडरा के जमीन कारोबारी भार्गव सिंह हत्याकांड में ही नहीं, बल्कि वेद प्रकाश सिंह हत्याकांड में भी शामिल रहा है।
पूर्व पार्षद हत्याकांड में भी भूमिका
जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई 2024 की शाम धुर्वा बस स्टैंड के पास वेद प्रकाश सिंह पर बाइक सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। गोली उनकी गर्दन में लगी थी और गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया था, जहां 3 अगस्त 2024 को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में भी सत्यम पाठक की संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। हथियारों की बरामदगी और आरोपी के नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के साथ इस घटना में और कौन-कौन शामिल थे। रांची में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर अपराध और पुलिस के बीच चल रही जंग को उजागर कर दिया है। हालांकि, पुलिस की तत्परता से एक बड़ा अपराधी घायल अवस्था में पकड़ में आ गया, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।








