झारखंड में SIR को लेकर मचेगा सियासी घमासान, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा- ‘हिम्मत है तो लागू करिए’
litical uproar intensifies in Jharkhand regarding Election Commission's SIRनाव आयोग की तैयारी, सियासी सरगर्मी तेज
बिहार के बाद अब झारखंड में भी चुनाव आयोग स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तैयारी कर रहा है। आयोग आने वाले दिनों में राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू करने वाला है। इस घोषणा के साथ ही झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी और विपक्षी दलों में इसे लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है।
‘झारखंड में SIR लागू नहीं होने देंगे’ – इरफान अंसारी
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस मुद्दे पर एक बार फिर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि “झारखंड में एसआईआर लागू नहीं होने देंगे” और बीजेपी पर अनाप-शनाप बयानबाजी करने का आरोप लगाया।
मंत्री ने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा, “वहां 65 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। क्या वे लोग वोट देने के अधिकारी नहीं थे? आपको किसने पावर दिया कि आप झारखंड में एसआईआर लागू करेंगे?”
मीडिया से भी की सख्त टिप्पणी
मंत्री ने इस दौरान मीडिया को भी आड़े हाथों लिया। सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “अगर एसआईआर लागू हुआ तो मीडिया वालों पर भी गाज गिरेगी। आप लोग चल लंदन दिए जाएंगे।” साथ ही उन्होंने मीडिया से राहुल गांधी का समर्थन करने की भी बात कही।
इरफान अंसारी ने कहा, “ये झारखंड है और ऐसा यहां नहीं चलने वाला। वे विकास की बात करते हैं, जबकि विरोधी नाम काटने की बात करते हैं।”
राजनीतिक गलियारे में बढ़ी हलचल
एसआईआर की तैयारी की खबर ने झारखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विपक्ष इसे पारदर्शिता का हिस्सा बता रहा है, तो सत्ताधारी पक्ष इसे मतदाता अधिकारों के हनन से जोड़ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी सियासी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।




