पटना में दारोगा भर्ती अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
lathi charge on sub-inspector recruitment candidates in Patna
SI भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदर्शन में बवाल
बिहार में दारोगा (SI) भर्ती की मांग को लेकर लंबे समय से simmering गुस्सा से पटना में उबाल पर आ गया। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पटना कॉलेज से मार्च करते हुए इनकम टैक्स चौराहा की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की तो कोतवाली के पास पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज होते ही अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
अभ्यर्थियों का कहना है कि दो साल से बिहार पुलिस में नई वैकेंसी नहीं आई है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत बार-बार टल रही है और आचार संहिता लागू होने से पहले अगर वैकेंसी नहीं आई तो मौका लंबे समय तक हाथ से निकल जाएगा।
साथ ही उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की भी मांग की। युवाओं ने कहा कि भर्ती परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और आंसर-की उपलब्ध नहीं कराई जाती, जो अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
शिक्षकों ने भी दिया समर्थन
इस आंदोलन में सिर्फ छात्र ही नहीं, कई शिक्षक और शिक्षक नेता भी शामिल हुए। इससे अभ्यर्थियों की आवाज और बुलंद हो गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द घोषणा नहीं की, तो आंदोलन और भी उग्र होगा।
पुलिस पर सवाल, सरकार पर दबाव
कोतवाली के पास हुए इस लाठीचार्ज के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे शांतिपूर्ण मार्च के दौरान अचानक पुलिस ने बल प्रयोग किया।
अब पूरा मामला सरकार और पुलिस दोनों के लिए चुनौती बन गया है। युवाओं की नाराजगी को देखते हुए राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं।


