प्रतिबंधित संगठन के नाम पर लेवी मांगने वालों पर रांची पुलिस का शिकंजा
रांची: प्रतिबंधित संगठन TSPC (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के नाम पर लेवी मांगने के आरोप में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ओरमांझी और खलारी थाना क्षेत्रों में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने संगठन के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
ओरमांझी में फोन पर मांगी गई 40 हजार की लेवी
घटना की शुरुआत 16 अक्टूबर 2025 को हुई, जब एक स्थानीय व्यक्ति को मोबाइल नंबर 7319849162 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को प्रतिबंधित संगठन TSPC का सदस्य बताते हुए धमकी दी कि वह धुमकुड़िया भवन का निर्माण करवा रहा है, इसलिए “मैनेज” करके चलना होगा। आरोपी ने दो दिन के भीतर 40,000 रुपये पहुंचाने की मांग की और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने इस संबंध में 22 अक्टूबर 2025 को ओरमांझी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद थाना कांड संख्या 202/25, धारा 308(4)/308(5) बीएनएस एवं 17 CLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस से मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और पुलिस उपाधीक्षक सिल्ली के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी कर दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया
- उमेश मुण्डा उर्फ दिनेश मुण्डा, उम्र 26 वर्ष, पिता स्वर्गीय विश्वनाथ मुण्डा, साकिन मक्का दराहटोली, थाना बुढ़मू, जिला रांची।
- नितेश मुण्डा, उम्र 20 वर्ष, पिता दिनेश मुण्डा, साकिन टोंगरीटोला चकमे, थाना बुढ़मू, जिला रांची।
पुलिस ने उनके पास से धमकी देने में प्रयुक्त मोबाइल सिम, तीन अन्य मोबाइल फोन, दो अतिरिक्त सिम कार्ड, और लेवी के 17,500 रुपये नकद बरामद किए।
टीम में शामिल रहे ये अधिकारी
इस सफल छापेमारी अभियान में शामिल रहे –
- अनुज उरांव, पुलिस उपाधीक्षक सिल्ली, रांची
- शशि भूषण चौधरी, थाना प्रभारी, ओरमांझी
- अमित कुमार, पु.अ.नि., ओरमांझी थाना
- सतीष कुमार, पु.अ.नि., ओरमांझी थाना
- नितीश कुमार, पु.अ.नि., ओरमांझी थाना
साथ ही ओरमांझी थाना रिजर्व गार्ड की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस ने कहा — “लेवी मांगने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी”
रांची पुलिस ने कहा कि प्रतिबंधित संगठनों के नाम पर भय फैलाकर लेवी मांगने वालों के खिलाफ लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








