रांची में बंगाली डॉक्टर की गला रेतकर हत्या, एक आरोपी गिरफ्तार — गांव में मातम का माहौल

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रांची : राजधानी रांची से एक बार फिर इंसानियत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। बुढ़मू थाना क्षेत्र के मतवे गांव में एक ग्रामीण चिकित्सक सपन दास की गला काटकर हत्या कर दी गई। सपन दास मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी थे और पिछले सात वर्षों से बुढ़मू में ग्रामीणों का इलाज कर रहे थे।

सुबह के समय घर में घुसे हमलावर — गला रेत कर की हत्या
रविवार की सुबह करीब 9 बजे का समय था। सपन दास अपने घर के बाहर बैठे थे कि तभी दो लोग उनके घर पहुंचे।
ग्रामीणों के अनुसार, बातचीत के दौरान अचानक एक हमलावर ने पीछे से डॉक्टर को पकड़ा और दूसरे ने धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया। हमले की बर्बरता इतनी थी कि सपन दास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना के बाद आसपास के लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक डॉक्टर खून से लथपथ ज़मीन पर गिर चुके थे।
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

एक आरोपी गिरफ्तार — हत्या की वजह पर सस्पेंस
वारदात के बाद दोनों हमलावर फरार होने की कोशिश करने लगे, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी नशे की हालत में थे।

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बुढ़मू थाना प्रभारी नवीन शर्मा ने बताया —

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“डॉक्टर सपन दास की गला रेतकर हत्या की गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। हत्या की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।”

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पुलिस ने आरोपी से बरामद हथियार को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

गांव के ‘बंगाली डॉक्टर’ थे सपन दास — लोगों के बीच लोकप्रिय
ग्रामीणों ने बताया कि सपन दास पिछले छह वर्षों से गांव में किराए के मकान में रहकर इलाज करते थे। वे ‘बंगाली डॉक्टर’ के नाम से प्रसिद्ध थे और पूरे इलाके में उनकी पहचान एक दयालु, भरोसेमंद चिकित्सक के रूप में थी।

गांव की बुजुर्ग महिला सुनीता देवी ने बताया —

“डॉक्टर बाबू रात-दिन मरीज देखते थे। गरीबों से पैसे भी नहीं लेते थे। आज उन्हें इस तरह मरा हुआ देखकर पूरा गांव टूट गया है।”

हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
रांची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है और आसपास के क्षेत्र में कई टीमों को जांच में लगाया गया है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या किसी पुरानी रंजिश, लेनदेन, या स्थानीय विवाद से जुड़ी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रांची ने मामले की निगरानी खुद अपने स्तर से शुरू कर दी है।

आस्था और विश्वास को झकझोरने वाली घटना
छोटे कस्बों और गांवों में ऐसे डॉक्टर अक्सर गरीब परिवारों के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाते हैं।
सपन दास की हत्या ने न केवल एक चिकित्सक की जान ली है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और इंसानियत दोनों को गहरा झटका दिया है।

झारखंड में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कभी व्यापारी, कभी डॉक्टर, कभी पत्रकार — कोई भी सुरक्षित नहीं। सपन दास की हत्या ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है —

“क्या झारखंड में अब सेवा करना ही सबसे बड़ा खतरा बन चुका है?”

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी भले पकड़ा गया हो, लेकिन इस निर्दोष ‘बंगाली डॉक्टर’ के गले से बहा खून न्याय की पुकार बन चुका है।

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