रांची में 61 लाख की अवैध शराब बरामद, पश्चिम बंगाल का फर्जी कंटेनर पकड़ा गया
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर से रांची आ रहे एक कंटेनर से 61 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब की भारी खेप जब्त की गई है। पुलिस ने बताया कि कंटेनर से 1,868 पेटियों में भरी 16,544 बोतलें बरामद हुई हैं। पूरे माल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 61 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि कंटेनर का रजिस्ट्रेशन नंबर WB23D-5344 फर्जी पाया गया है। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया और पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
रांची एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नामकुम थाना क्षेत्र में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
9 नवंबर की देर रात टीम ने रांची-टाटा रोड पर सरजामडीह गांव के पास एक संदिग्ध कंटेनर को रोकने का प्रयास किया।पुलिस को देखकर चालक ने कंटेनर को सड़क किनारे खड़ा किया और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
टीम ने तत्काल कंटेनर को कब्जे में लेकर नामकुम थाना परिसर में लाया।
कंटेनर खोलते ही मिला शराब का जखीरा
पुलिस ने जब कंटेनर की तलाशी ली, तो उसका पिछला दरवाजा सील पाया गया। इस पर अनुमंडल दंडाधिकारी, रांची से अनुमति लेकर सील तोड़ी गई। जैसे ही ताला टूटा, कंटेनर के अंदर से अवैध अंग्रेजी शराब की पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने बताया कि सभी बोतलें विभिन्न ब्रांड की नकली अंग्रेजी शराब प्रतीत हो रही हैं, जिन्हें जमशेदपुर से रांची लाया जा रहा था।
फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का खुलासा
जांच में पता चला कि कंटेनर का रजिस्ट्रेशन नंबर WB23D-5344 किसी अन्य वाहन से संबंधित है। इससे स्पष्ट है कि शराब की तस्करी को छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और किसे सप्लाई की जानी थी।
पुलिस टीम ने दिखाया सतर्कता का उदाहरण
रांची ग्रामीण एसपी के निर्देश पर नामकुम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
टीम में शामिल थे —
एएसआई शशि रंजन, जयदीप कुमार सराक, मिथुन कुमार, सोनू कुमार, धर्मेंद्र कुमार, तारकेश्वर प्रसाद केसरी, प्रभुवन कुमार, जयप्रकाश कुमार, उज्जवल कुमार सिंह, चालक वीरेंद्र कुमार और नामकुम थाना रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल।
रांची पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने अवैध शराब माफियाओं के नेटवर्क पर गहरी चोट की है। पुलिस का मानना है कि यह खेप किसी बड़े अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह से जुड़ी हो सकती है। जांच जारी है और जल्द ही मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।








