SSLC लेडीज़ क्लब की प्रेरक पहल — “आदिम जाति जन सेवा” केंद्र में CSR कार्यक्रम के ज़रिए फैलाई मुस्कान
Munadi Live Desk, Ranchi: स्वयंसिद्धा लेडीज़ क्लब (SSLC) ने एक बार फिर समाजसेवा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ‘आदिम जाति जन सेवा’ केंद्र में एक प्रभावशाली कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य था — संस्था की रसोई सुविधाओं में सुधार करना, वहाँ निवासरत बच्चों और कर्मचारियों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना, और सबसे बढ़कर समाज में सहानुभूति एवं सहभागिता का संदेश फैलाना।
रसोई सुविधाओं को आधुनिक रूप देने की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम के तहत एसएसएलसी क्लब ने बड़े रसोई उपकरणों का दान किया, जिनमें खाना पकाने, भंडारण और स्वच्छता बनाए रखने से संबंधित कई आवश्यक सामग्री शामिल थीं। इन उपकरणों के उपयोग से न केवल रसोई संचालन में दक्षता और स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि बच्चों के लिए तैयार होने वाले भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर में भी सुधार होगा।
क्लब की अध्यक्ष पूनम जैन ने बताया —
“हमारा प्रयास है कि जिन बच्चों की देखभाल यह संस्था करती है, उनके जीवन में थोड़ा-सा आराम और अधिक मुस्कान जुड़ सके। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए — यही वास्तविक सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility) है।”
खुशियों का वितरण — बच्चों और कर्मचारियों के बीच सौहार्द का वातावरण
CSR पहल के अंतर्गत क्लब की सदस्याओं ने बच्चों और कर्मचारियों को खाद्य पैकेट, ताजे फल और पौष्टिक नाश्ते का वितरण किया। इस अवसर पर परिसर में खुशियों और उत्साह का माहौल बन गया — बच्चे मुस्कुरा रहे थे, कर्मचारी कृतज्ञता से भरे थे, और पूरा परिसर स्नेह और सकारात्मकता से गूंज उठा।
कार्यक्रम में उपस्थित रही क्लब की सक्रिय महिलाएँ
इस हृदयस्पर्शी कार्यक्रम में क्लब की कई पदाधिकारी और सदस्याओं ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अध्यक्ष पूनम जैन, उपाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीखांडे, वरिष्ठ सदस्य नीता दास, वरिष्ठ सदस्य स्निग्धारणी मजही, कोषाध्यक्ष अनीता प्रसाद, महासचिव दीपा केशरी, संयुक्त महासचिव परमेश्वरी और सांस्कृतिक सचिव लवली उपस्थित थीं।
इन सभी सदस्याओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह सिर्फ एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मनुष्यता का उत्सव था।

“CSR केवल कॉर्पोरेट जिम्मेदारी नहीं, सामाजिक नैतिकता है” — पूनम जैन
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष पूनम जैन ने कहा —
“हमारा मानना है कि CSR केवल कंपनियों या संस्थानों तक सीमित नहीं है। यह हर उस व्यक्ति की जिम्मेदारी है, जो समाज से कुछ पाता है और बदले में कुछ लौटाना चाहता है।”
उन्होंने बताया कि क्लब समय-समय पर समाज के कमजोर तबके के लिए ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करता है —
चाहे वह स्वास्थ्य शिविर हों, शिक्षा सहायता हो या महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहल।
सहानुभूति और सेवा की मिसाल
स्वयंसिद्धा लेडीज़ क्लब (SSLC) रांची की उन संस्थाओं में से एक है, जो महिलाओं की भागीदारी से समाजसेवा की नई मिसालें पेश कर रही हैं। क्लब की सदस्याएँ नियमित रूप से सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों का संचालन करती हैं — जैसे: शिक्षा सामग्री वितरण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, स्वच्छता अभियान, और महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम। ‘आदिम जाति जन सेवा’ केंद्र में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी कड़ी का हिस्सा था, जहाँ करुणा, सहयोग और सेवा का वास्तविक स्वरूप दिखाई दिया।
कार्यक्रम का प्रभाव — सेवा से बढ़ा अपनापन
कार्यक्रम के अंत में क्लब की सदस्याओं और संस्था के बच्चों के बीच बातचीत का एक अनौपचारिक सत्र हुआ। बच्चों ने गीत गाए, कुछ ने अपनी कहानियाँ साझा कीं, और इस तरह यह दिन एक सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव का अनुभव बन गया।
सेवा ही सच्ची शक्ति है
एसएसएलसी लेडीज़ क्लब की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि छोटे-छोटे कदम समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। रसोई उपकरणों का दान केवल सुविधा नहीं, बल्कि संवेदना का प्रतीक है। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज के संपन्न वर्ग और सेवा भावी संगठन मिलकर काम करते हैं, तो खुशियाँ बाँटना ही सच्चा विकास बन जाता है।








