जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक 9 जनवरी को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे
सुबह 9:30 बजे शपथ ग्रहण समारोह
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक 9 जनवरी को सुबह साढ़े नौ बजे झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। उन्हें संतोष कुमार गंगवार पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
28 नवंबर 2026 तक रहेगा कार्यकाल
मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सोनक का कार्यकाल 28 नवंबर 2026 तक रहेगा। उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही झारखंड हाईकोर्ट में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा समाप्त हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस सोनक को झारखंड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी हुई और अब शपथ ग्रहण की तारीख तय की गई है।
जस्टिस सोनक का न्यायिक सफर
जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक का कानूनी करियर बेहद समृद्ध और विविध रहा है। वे वर्ष 1988 में महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की पणजी पीठ में लंबे समय तक प्रैक्टिस की।
किन-किन कानून क्षेत्रों में विशेषज्ञता
पणजी पीठ में रहते हुए जस्टिस सोनक ने सिविल और संवैधानिक कानून, श्रम एवं सेवा कानून, पर्यावरण कानून, वाणिज्यिक और कर कानून, कंपनी कानून के साथ-साथ जनहित याचिकाओं के क्षेत्र में व्यापक प्रैक्टिस की। उन्होंने केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्टैंडिंग काउंसल और राज्य सरकार के विशेष काउंसल के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति
वर्ष 2013 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 2 मार्च 2016 को वे बॉम्बे हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने। न्यायिक कार्यशैली, संतुलित फैसलों और संवैधानिक समझ के लिए वे जाने जाते रहे हैं।
शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक का जन्म 28 नवंबर 1964 को गोवा में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डॉन बॉस्को हाई स्कूल, पणजी से प्राप्त की।
उच्च शिक्षा
उन्होंने डेम्पे कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद एम.एस. कॉलेज ऑफ लॉ, पणजी से कानून की पढ़ाई कर एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।
झारखंड न्यायपालिका के लिए अहम नियुक्ति
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस सोनक की नियुक्ति से झारखंड हाईकोर्ट को एक अनुभवी, संवैधानिक रूप से मजबूत और प्रशासनिक दृष्टि से सक्षम नेतृत्व मिलेगा। उनके कार्यकाल में न्यायिक सुधार, लंबित मामलों के निपटारे और संवैधानिक संतुलन पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।








