देश की पहली राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू, गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना की
मुनादी लाइव : देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को अपने उत्तर प्रदेश दौरे के अंतिम दिन गोवर्धन में ऐतिहासिक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने पहुँचीं और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
सुबह करीब साढ़े 8 बजे राष्ट्रपति वृंदावन स्थित होटल से निकलकर सीधे दानघाटी मंदिर पहुँचीं, जहां उन्होंने गिरिराज जी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने 11 किलो दूध, दही, शहद और घी से महाभिषेक कर पूजा की और प्रसाद अर्पित किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल Anandiben Patel भी मौजूद रहीं।
पूजा के बाद राष्ट्रपति ने गोवर्धन की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा शुरू की। इस दौरान उन्होंने कुछ दूरी पैदल तय की, जबकि शेष परिक्रमा परिवार के साथ गोल्फ कार्ट में बैठकर करीब डेढ़ घंटे में पूरी की। परिक्रमा मार्ग में राष्ट्रपति लगातार हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करती रहीं।
परिक्रमा पूरी करने के बाद राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। इस मौके पर मथुरा की सांसद Hema Malini भी उनके स्वागत के लिए मौजूद रहीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर थीं। इससे पहले उन्होंने गुरुवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन किए थे, जबकि शुक्रवार को वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। संत ने “राधे-राधे” कहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया।
मथुरा में यह उनका दूसरा दौरा था। इससे पहले 25 सितंबर को वह यहां आई थीं और बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए थे। खास बात यह है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में वह पहली राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने गोवर्धन पहुंचकर परिक्रमा की।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरे गोवर्धन शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। तिराहों और चौराहों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, वहीं दानघाटी मंदिर में गिरिराज जी का भव्य फूलों से शृंगार किया गया।
यह दौरा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी ऐतिहासिक क्षण बन गया।








