आपका बैंक अकाउंट AI के निशाने पर? सरकार ने जारी किया अलर्ट
सरकार ने बैंक प्रमुखों को किया अलर्ट, डिजिटल फ्रॉड से बचाव पर जोर
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच अब साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक खतरनाक AI मॉडल “Mythos” के जरिए बैंकिंग सिस्टम को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। इसी खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश के प्रमुख बैंकों के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की है और उन्हें हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
क्या है “Mythos” AI खतरा?
बताया जा रहा है कि “Mythos” नाम का यह AI मॉडल अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जो बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों को पहचानकर साइबर हमले को अंजाम दे सकता है। यह AI फिशिंग, फर्जी कॉल, डीपफेक वॉइस और ऑटोमेटेड हैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर सकता है, जिससे आम लोगों के बैंक अकाउंट तक पहुंच बनाना आसान हो सकता है।
सरकार की बड़ी बैठक
सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने देश के बड़े बैंकों के प्रमुखों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में डिजिटल बैंकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने, साइबर अटैक से निपटने और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सरकार ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी बैंक अपने सुरक्षा सिस्टम को तुरंत अपडेट करें।
आम लोगों के लिए खतरा क्यों?
विशेषज्ञों का कहना है कि AI के जरिए अब ठगी के तरीके और ज्यादा खतरनाक हो गए हैं। फर्जी कॉल बिल्कुल असली लग सकती है, OTP और बैंक डिटेल चुराना आसान हो सकता है और डीपफेक वॉइस से परिवार या बैंक अधिकारी बनकर ठगी संभव हैं। इस वजह से आम लोग सीधे निशाने पर आ सकते हैं।
कैसे रखें अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित?
सरकार और साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
- किसी भी अनजान कॉल पर OTP या बैंक डिटेल साझा न करें
- संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें
- बैंक ऐप और पासवर्ड नियमित रूप से अपडेट करें
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही उपयोग करें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक को सूचित करें
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि AI जहां एक तरफ तकनीकी विकास का बड़ा माध्यम है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल गंभीर खतरा बन सकता है। आने वाले समय में साइबर क्राइम और ज्यादा स्मार्ट और तेजी से बढ़ सकते हैं, इसलिए सुरक्षा उपायों को भी उसी स्तर पर मजबूत करना जरूरी है।
AI तकनीक ने जहां दुनिया को नई दिशा दी है, वहीं इसके खतरे भी अब सामने आने लगे हैं। “Mythos” जैसे कथित AI खतरे को लेकर सरकार का अलर्ट इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि बैंकिंग सिस्टम के साथ-साथ आम लोग भी सतर्क रहें और डिजिटल सुरक्षा को गंभीरता से लें।






