अंबेडकर जयंती पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
Ambedkar Jayantiडोरंडा अंबेडकर चौक पर माल्यार्पण, बाबा साहेब के विचारों को अपनाने का संदेश
रांची: रांची में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजधानी के डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर संतोष कुमार गंगवार और हेमन्त सोरेन ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने न केवल पुष्प अर्पित किए, बल्कि बाबा साहेब के आदर्शों और विचारों को भी याद किया।
बाबा साहेब के योगदान को किया याद
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने समाज के वंचित, दलित और पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के महत्व को देश के सामने रखा।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक है। उनके द्वारा लिखित भारतीय संविधान आज भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अंबेडकर के विचारों को अपनाएं और समाज में समानता स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने दिया संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने जो रास्ता दिखाया है, वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है, जो बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के हर वर्ग को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है। बाबा साहेब के विचार आज के समय में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।
बड़ी संख्या में जुटे लोग
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान माहौल श्रद्धा और सम्मान से भरा हुआ था। कई लोगों ने बाबा साहेब के जीवन से जुड़े विचारों को साझा किया और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
आज भी प्रासंगिक हैं विचार
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने जिस तरह से शिक्षा, समानता और अधिकारों की बात की, वह आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आज के दौर में जब समाज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में बाबा साहेब के विचार लोगों को एक नई दिशा देने का काम करते हैं।
अंबेडकर जयंती के इस अवसर पर रांची में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बाबा साहेब केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। उनके सिद्धांत और मूल्य आज भी समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया और लोगों को उनके विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।








