रांची में निजी स्कूलों पर सख्ती, मनमानी फीस बढ़ोतरी पर प्रशासन का एक्शन
Ranchi school fee hike80 निजी स्कूलों को नोटिस, 10% से ज्यादा फीस बढ़ाने पर लगेगी रोक
रांची : रांची में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाए जाने के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अभिभावकों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करते हुए जिले के 80 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अभिभावकों में फीस बढ़ोतरी को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि स्कूल बिना किसी नियम और पारदर्शिता के फीस में भारी बढ़ोतरी कर रहे हैं।
उपायुक्त की अध्यक्षता में अहम बैठक
इस पूरे मामले को लेकर सोमवार को रांची के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के निजी स्कूलों के प्राचार्य शामिल हुए। बैठक के दौरान प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को साफ निर्देश दिया कि वे फीस संरचना में पारदर्शिता रखें और निर्धारित नियमों का पालन करें।
PTA गठन अनिवार्य, तीन दिन का समय
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी निजी स्कूलों को तीन दिनों के भीतर अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन करना होगा। प्रशासन के अनुसार, अब तक केवल 13 स्कूलों ने ही PTA का गठन किया है, जिस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि PTA का गठन जरूरी है ताकि अभिभावकों की राय और समस्याओं को सीधे स्कूल प्रबंधन तक पहुंचाया जा सके।
फीस बढ़ोतरी पर सख्त नियम
फीस बढ़ोतरी को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब कोई भी स्कूल 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकता। यदि किसी स्कूल को इससे अधिक फीस बढ़ानी है, तो उसे जिला स्तरीय समिति से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति अधिक फीस बढ़ाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
20 अप्रैल तक देना होगा पूरा हिसाब
प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 20 अप्रैल तक पिछले तीन वर्षों और चालू सत्र की फीस का पूरा ब्योरा जमा करें। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किन स्कूलों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए फीस में अत्यधिक वृद्धि की है।
अभिभावकों को मिलेगी राहत?
प्रशासन की इस कार्रवाई से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से फीस बढ़ोतरी को लेकर परेशान अभिभावकों ने इस कदम का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन नियमों का सख्ती से पालन कराया गया, तो शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
आगे क्या?
अब सभी की नजर स्कूलों की प्रतिक्रिया और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। रांची में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और संतुलित बनाने की दिशा में यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।








