tulsyan

भारत-अमेरिका व्यापार में नई पहल — ट्रंप बोले, “धीरे-धीरे घटेगा टैरिफ”

Tariff reduction

वॉशिंगटन डी.सी.: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार संबंधों में नया मोड़ लाते हुए बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत पर लगाए गए टैरिफ को धीरे-धीरे कम करने जा रहा है, क्योंकि भारत ने रूस से तेल आयात में भारी कमी की है।

ट्रंप ने यह बयान भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान दिया। यह समारोह व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में आयोजित हुआ, जहां उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, एटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी और कई सांसद उपस्थित थे।

भारत-अमेरिका के बीच जल्द नया व्यापार समझौता
ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द एक नया व्यापार समझौता अंतिम रूप देने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा —

DAV NANDRAJ

“भारत पर ऊंचे टैरिफ इसलिए लगाए गए थे क्योंकि वह रूस से तेल आयात कर रहा था। अब भारत ने रूस से तेल की खरीद में उल्लेखनीय कमी की है, इसलिए हम उस पर लगाया गया टैरिफ धीरे-धीरे घटाने जा रहे हैं।”

happy Teacher Day

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक संतुलन और कूटनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा।

resizone-elanza
rlifecare

भारत की प्रशंसा — “दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक”
अपने संबोधन में ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की।
उन्होंने कहा —

“भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है और अब दुनिया का सबसे बड़ा देश बन गया है।हमारी दोनों लोकतंत्रों के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरा व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छा रहा है, और सर्जियो (नए राजदूत) ने इन रिश्तों को और मजबूत किया है।”

कब और क्यों लगाया गया था टैरिफ?
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25% का Reciprocal Tariff लगाया था, जो बाद में बढ़ाकर 50% कर दिया गया। अमेरिका ने आरोप लगाया था कि भारत रूसी तेल और हथियारों की खरीद के जरिए यूक्रेन युद्ध में रूस को आर्थिक रूप से मदद कर रहा है। अब ट्रंप के इस नए बयान के बाद भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में नरमी और सहयोग का संकेत दिखाई दे रहा है।

कूटनीतिक विश्लेषण: भारत-अमेरिका रिश्तों में नया अध्याय
ट्रंप के इस बयान को नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच संबंधों के सुधार का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग, तकनीकी निवेश और व्यापारिक विश्वास को बढ़ावा देगा।

यह भी माना जा रहा है कि 2026 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप भारत के साथ संबंधों को और मजबूती देने के लिए सॉफ्ट डिप्लोमेसी का उपयोग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *