फर्जी बैंक गारंटी से ठेका! शराब घोटाले में अहम गिरफ्तारी

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Ranchi: झारखंड में चर्चित शराब नीति घोटाले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक अहम कार्रवाई करते हुए गुजरात के अहमदाबाद से एक निजी कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जगन भाई तुकाराम, निदेशक – मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हुई है।

एसीबी का आरोप है कि जगन भाई तुकाराम की कंपनी ने फर्जी बैंक गारंटी के सहारे झारखंड में मैनपावर सप्लाई का बड़ा ठेका हासिल किया था। जांच एजेंसी को संदेह है कि यह ठेका सीधे तौर पर राज्य की विवादित शराब नीति और उससे जुड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

अहमदाबाद से रांची तक एसीबी की सख्त कार्रवाई
रविवार को एसीबी की विशेष टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अहमदाबाद से रांची लेकर पहुंची। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी को उतारा गया, जिसके बाद उसे सीधे एसीबी कार्यालय ले जाया गया। यहां जांच अधिकारियों ने उससे घंटों तक गहन पूछताछ की।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और ठेका प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है। एजेंसी को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से शराब घोटाले के पूरे सिंडिकेट की कई परतें सामने आएंगी।

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शराब नीति घोटाले से जुड़ता जा रहा है मामला
झारखंड की शराब नीति को लेकर पहले से ही राज्य में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घमासान मचा हुआ है। आरोप है कि शराब नीति के क्रियान्वयन के दौरान नियमों को दरकिनार कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। मैनपावर सप्लाई, बैंक गारंटी और ठेके की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के संकेत पहले ही मिल चुके हैं।

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एसीबी का मानना है कि फर्जी बैंक गारंटी के जरिए ठेका लेने का यह मामला नीति निर्माण से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक फैले भ्रष्टाचार की कड़ी हो सकता है। इससे पहले भी जांच एजेंसी कई अधिकारियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से पूछताछ कर चुकी है।

कोर्ट में पेशी के बाद बढ़ेगी जांच की रफ्तार
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि ठेका प्रक्रिया, बैंक गारंटी जारी करने वाले संस्थानों और कथित लाभार्थियों की पहचान की जा सके। सूत्रों की मानें तो इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। जांच का दायरा अब राज्य के बाहर तक फैल चुका है, जिससे साफ है कि शराब घोटाला केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा।

राज्य के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शामिल
झारखंड शराब घोटाले को राज्य के अब तक के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में गिना जा रहा है। एसीबी लगातार यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज होगी और कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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