गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: ED की बड़ी कार्रवाई
मनी लॉन्ड्रिंग केस में लूथरा ब्रदर्स के ठिकानों पर छापेमारी
मुनादी Live डेस्क : गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार, 23 जनवरी को ईडी ने लूथरा ब्रदर्स के गोवा, दिल्ली और हरियाणा स्थित कई ठिकानों पर एक साथ छापामारी की।
इस मामले में नाइटक्लब के मालिकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में हुए इस भीषण अग्निकांड में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि करीब 50 लोग घायल हुए थे।
8–9 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी की टीमें करीब 8 से 9 स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। इनमें शामिल हैं— दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के आवास व कार्यालय सह-मालिक अजय गुप्ता के ठिकाने गुरुग्राम (हरियाणा) के तत्त्वम विला परिसर इसके अलावा गोवा में भी कई अहम ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
सरपंच और पंचायत सचिव पर भी शिकंजा
ईडी की टीम ने गोवा में सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के घरों पर भी दबिश दी है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, दोनों पर आरोप है कि उन्होंने नाइटक्लब को अवैध ट्रेड लाइसेंस और NOC जारी कराने में मदद की थी।
ब्रिटिश नागरिक पर भी जांच
इस मामले में ईडी ने ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। सुरिंदर कुमार खोसला नाइटक्लब के सह-मालिकों में से एक बताए जा रहे हैं। एजेंसी उनकी भूमिका की मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है।
ईडी ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज करने के बाद की है।
6 दिसंबर 2025 को हुआ था भीषण अग्निकांड
यह हादसा 6 दिसंबर 2025 को अरपोरा गांव, गोवा स्थित नाइटक्लब में हुआ था। उस वक्त क्लब में एक डांस पार्टी चल रही थी। आग लगने से 25 लोगों की मौत से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
घटना के बाद विदेश भागे थे आरोपी
जांच में सामने आया कि घटना के कुछ ही घंटों बाद लूथरा ब्रदर्स देश छोड़कर थाईलैंड चले गए थे। हालांकि, 17 दिसंबर 2025 को उन्हें भारत डिपोर्ट कर दिया गया। फिलहाल वे गोवा पुलिस की हिरासत में हैं और अलग-अलग एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं।
आगे और खुलासों की संभावना
ईडी सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे** होने की संभावना जताई जा रही है।








