राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का झारखंड दौरा आज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रांची: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय झारखंड दौरे पर आ रही हैं। उनके आगमन को लेकर राजधानी रांची से लेकर जमशेदपुर तक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। हर स्तर पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
रांची से जमशेदपुर तक विशेष मूवमेंट
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति एयरफोर्स के विशेष विमान से रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगी। यहां औपचारिक स्वागत के बाद वे हेलीकॉप्टर से जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी।
एयरपोर्ट परिसर में सीआईएसएफ, जिला पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अनावश्यक भीड़ रोकने और वीवीआईपी मूवमेंट को सुचारु रखने के लिए सुरक्षा घेरा और मजबूत किया गया है।
जगन्नाथ मंदिर में भूमि पूजन कार्यक्रम
जमशेदपुर प्रवास के दौरान राष्ट्रपति शहर के प्रतिष्ठित जगन्नाथ मंदिर जमशेदपुर परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगी। प्रस्तावित मंदिर एवं आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण का शिलान्यास उनके करकमलों से होगा।
कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है। आमंत्रित अतिथियों की एंट्री पास के माध्यम से ही होगी। सुरक्षा के कई स्तरों की जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
शहर में कड़ा सुरक्षा घेरा
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रमुख चौक-चौराहों, एयरपोर्ट मार्ग और कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
संभावित ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
रांची एयरपोर्ट घोषित नो-फ्लाइंग जोन
सुरक्षा कारणों से रांची एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसके अतिरिक्त, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां अंतिम चरण में हैं। झारखंड में यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








