नीति आयोग की क्षेत्रीय संगोष्ठी में पाकुड़ उपायुक्त को वक्ता के रूप में आमंत्रण — जिले की सफलता गूंजेगी राँची में
नीति आयोग की क्षेत्रीय संगोष्ठी में पाकुड़ की गूंज — उपायुक्त करेंगे झारखंड का प्रतिनिधित्व
पाकुड़: झारखंड राज्य के लिए गर्व का विषय है कि नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा आयोजित “PVTG हेतु सेवा वितरण और आजीविका सुदृढ़ीकरण” विषयक क्षेत्रीय संगोष्ठी (Regional Conference) में पाकुड़ जिले के उपायुक्त को झारखंड राज्य से एकमात्र वक्ता (Speaker) के रूप में आमंत्रित किया गया है।
यह संगोष्ठी Aspirational Districts Programme (ADP) एवं Aspirational Blocks Programme (ABP) के अंतर्गत राँची में आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर पाकुड़ जिला प्रशासन अपने अभिनव प्रयासों और PVTG समुदायों के सशक्तिकरण से जुड़ी सफलता की कहानियों (Best Practices) को साझा करेगा।
PVTG समुदायों के सशक्तिकरण में पाकुड़ का रोल मॉडल
पाकुड़ जिला लंबे समय से राज्य के आदिम जनजातीय समूहों (PVTG) के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सतत प्रयासरत है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में कई ऐसे नवाचार किए गए हैं, जिन्हें नीति आयोग ने भी सराहा है।
इन पहलों में —
- “आजीविका सखी” मॉडल (महिला सशक्तिकरण के माध्यम से PVTG परिवारों की आयवृद्धि),
- “पोषण वाटिका” अभियान (कुपोषण से मुक्ति हेतु प्रत्येक परिवार में पोषक आहार का उत्पादन),
- मोबाइल हेल्थ यूनिट और आधारभूत शिक्षा केंद्रों का विस्तार,
- तथा ब्लॉक स्तरीय उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
राष्ट्रीय मंच पर पाकुड़ की सफलता साझा करेंगे उपायुक्त
नीति आयोग के इस मंच पर पाकुड़ उपायुक्त जिले के इन सफल मॉडलों को प्रस्तुत करेंगे, ताकि अन्य जिले भी इन पहलों को अपनाकर राज्य एवं देश के PVTG समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ सकें। नीति आयोग द्वारा चयन इस बात का प्रमाण है कि झारखंड में समावेशी विकास और नवाचार का एक सशक्त उदाहरण पाकुड़ बनकर उभरा है।
जिले के लिए गौरव का क्षण
जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस अवसर को “पाकुड़ के लिए गौरवशाली उपलब्धि” बताया है।
पाकुड़ उपायुक्त ने कहा —
“यह केवल प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि हर उस ग्रामीण, महिला और युवा का सम्मान है जिन्होंने विकास की इस यात्रा में सहयोग दिया। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी PVTG परिवार पीछे न रह जाए — शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान सब तक पहुंचे।”
सम्मेलन का उद्देश्य
नीति आयोग द्वारा आयोजित यह क्षेत्रीय संगोष्ठी देश के विभिन्न राज्यों के Aspirational Districts और Aspirational Blocks में लागू सफल मॉडल्स, नवाचारों और चुनौतियों को साझा करने के लिए आयोजित की गई है।
इसमें केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नीति विशेषज्ञ, और विकास साझेदार (Development Partners) शामिल होंगे।
पाकुड़ की यह भागीदारी न केवल झारखंड की प्रशासनिक दक्षता को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करेगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि —
“अगर इच्छा शक्ति और नवाचार की भावना हो, तो पिछड़े क्षेत्र भी विकास के प्रतीक बन सकते हैं।”








