रामगढ़ में जैन स्क्वायर परिसर में बिजली मिस्त्री की मौत पर बवाल, शव रखकर मुख्य सड़क जाम

Ramgarh News

मुआवजे और कार्रवाई की मांग तेज

रामगढ़: जिले के मेन रोड स्थित जैन स्क्वायर निर्माणाधीन मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को हुए हादसे ने आज बड़ा रूप ले लिया। काम के दौरान 30 वर्षीय बिजली मिस्त्री लक्ष्मण कुमार महतो की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। शुक्रवार सुबह से ही माहौल तनावपूर्ण रहा, जब परिजन और ग्रामीण पहले रामगढ़ थाना में घुस गए और फिर शव को मुख्य सड़क पर रखकर जाम कर दिया।

थाने में घुसे ग्रामीण, मुंशी को अपने हवाले करने की मांग
सुबह करीब 10 बजे सैकड़ों ग्रामीण रामगढ़ थाना पहुंचे और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह साधारण हादसा नहीं, संदिग्ध मौत है। मुंशी को हमारे हवाले किया जाए, तभी बात होगी। लोगों ने थाने में घुसकर निर्माणाधीन परिसर के मुंशी पर हमला करने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। करीब दो घंटे तक थाना परिसर में बवाल चलता रहा।

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शव को सड़क पर रखकर जाम—महिलाओं-मर्दों की बड़ी भीड़
थाने में हंगामे के बाद भी जब परिजनों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो ग्रामीण शव को लेकर जैन स्क्वायर बिल्डिंग के सामने मेन रोड पर पहुंच गए और शव को बीच सड़क पर रखकर जाम कर दिया। इससे रामगढ़ मेन रोड पर लंबा जाम लग गया और दोनों ओर गाड़ियों की कतार लग गई। स्थानीय लोग, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि यह एक्सीडेंट नहीं, पैसे के विवाद के बाद मारपीट का मामला है।

कैसे हुई घटना? परिजनों ने सवाल उठाए
जानकारी के अनुसार गुरुवार को काम के दौरान सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए लक्ष्मण को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने रात में ही पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को इसकी सूचना दी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मौत संदिग्ध है, मौके पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे, मजदूरों को बकाया पैसे नहीं मिले थे, और सत्य छुपाने की कोशिश की जा रही है. परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।

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सुबह से समझौता वार्ता, परिजन बोले—“जब तक समझौता नहीं, शव नहीं हटेगा”
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सुबह समझौते के लिए बुलाया गया था, पर बैठक विफल रही। इसके बाद उन्होंने शव सड़क पर रख दिया और कहा गया कि जब तक लिखित समझौता नहीं होगा, न मुआवजा मिलेगा, तब तक जाम नहीं हटेगा।

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अंचल अधिकारी रवि रमेश राम मौके पर पहुँचे—स्थिति को संभाला
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ अंचल अधिकारी रवि रमेश राम, थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अंचल अधिकारी ने परिजनों से लगातार बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन मुआवजा और कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है, ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

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