केंद्रीय बजट पर हेमंत सोरेन का तीखा हमला: “इससे विकास नहीं, भुखमरी आएगी
Ranchi : रांची में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए हेमंत सोरेन ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि केंद्र द्वारा पेश किया गया यह बजट क्या वाकई देश का विकास करेगा या फिर आम जनता को और मुश्किलों में धकेलेगा।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि इस बजट से देश में विकास नहीं, बल्कि भुखमरी की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने कहा कि कृषि, जो हमेशा से देश की रीढ़ रही है, उसे विदेशी बाजारों के लिए खोल दिया गया है। इससे घरेलू किसानों और स्थानीय कृषि उपकरण उद्योग पर गंभीर असर पड़ेगा।
कृषि और स्थानीय उद्योगों पर खतरा
सीएम सोरेन ने कहा,
“क्या हमारे देश के घरेलू औजार और कृषि उपकरण विदेशी मशीनों के सामने टिक पाएंगे?”
उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र सरकार की नीतियों का सीधा असर किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और छोटे-मझोले उद्योगों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नीतियों पर सवाल उठाने से भी लोगों को रोका जाता है, लेकिन इनके दुष्परिणाम पूरे देश को झेलने होंगे।
महंगाई पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने बढ़ती महंगाई का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ कोयला और खनिज ही नहीं, बल्कि आम जरूरत की चीजें भी लगातार महंगी होती जा रही हैं।
उन्होंने कहा,
“क्या पढ़ाई का सामान और खाने-पीने की चीजें सस्ती हैं? अभी तो इसका असर आना बाकी है, आगे स्थिति और गंभीर होगी।”
असम में आदिवासियों की स्थिति पर चिंता
अपने हालिया असम दौरे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां के आदिवासियों की हालत पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि असम में आदिवासी आज भी गुलामी जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
सीएम सोरेन ने कहा,
“देश की आजादी से पहले से वहां रह रहे लोग आज भी अपनी पहचान और अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अगर वे आवाज उठाते हैं, तो उन्हें दबाया जाता है। ऐसा लगता है जैसे देश के भीतर ही एक अलग देश चल रहा है।”
नीतियों का असर पूरे देश पर
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मौजूदा आर्थिक और नीतिगत फैसलों का असर सिर्फ झारखंड या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव पूरे देश और समाज के कमजोर तबकों—खासकर किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और दलितों—पर पड़ेगा।








