सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा के पास जेल में मिला मोबाइल, चार सिम और नोट बरामद; FIR दर्ज, जांच तेज
रांची: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा एक बार फिर सुर्खियों में है। रांची के होटवार केंद्रीय कारा से 24 जून को चाईबासा मंडल कारा स्थानांतरित किए जाने के दौरान हुई तलाशी में उसके पास से एक पुराना मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, एक चार्जर केबल और अंग्रेजी में लिखे तीन पन्नों के नोट बरामद किए गए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ब्लेजर में छिपाकर रखा था मोबाइल
जानकारी के अनुसार, रिया सिन्हा को सुरक्षा कारणों से रांची के होटवार केंद्रीय जेल से चाईबासा जेल भेजा गया था। चाईबासा मंडल कारा में प्रवेश से पहले नियमित सुरक्षा जांच के दौरान अधिकारियों ने उसके ब्लेजर की तलाशी ली। इसी दौरान एक पुराना मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसे कथित तौर पर उसने अपने ब्लेजर में छिपाकर रखा था। मोबाइल के अलावा पुलिस ने चार सिम कार्ड (तीन जियो और एक एयरटेल), एक चार्जर केबल तथा अंग्रेजी में लिखे तीन पन्नों के नोट भी जब्त किए हैं।
25 जून को दर्ज हुई प्राथमिकी
इस मामले में 25 जून को सदर थाना प्रभारी हीरालाल महतो के बयान पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। रिया सिन्हा पर जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री रखने का आरोप लगाया गया है। तलाशी के दौरान पुलिस उपाधीक्षक पूजा कुमारी और सदर महिला थाना प्रभारी शीला मिंज भी मौजूद थीं। पूछताछ के दौरान बरामद सामान के संबंध में रिया सिन्हा की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है।
जेल से गिरोह संचालित करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, रिया सिन्हा पर अपने पति सुजीत सिन्हा के संगठित अपराध गिरोह से जुड़े रहने और जेल के भीतर से रंगदारी, लूट तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के संचालन में भूमिका निभाने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि बरामद मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल गिरोह के सदस्यों से संपर्क बनाए रखने और कथित आपराधिक नेटवर्क को सक्रिय रखने के लिए किया जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सुरक्षा कारणों से किया गया था स्थानांतरण
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों को ध्यान में रखते हुए रिया सिन्हा को होटवार जेल से चाईबासा मंडल कारा स्थानांतरित किया गया था। उद्देश्य कथित आपराधिक नेटवर्क और बाहरी संपर्कों पर नियंत्रण रखना था। अधिकारियों के अनुसार, जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
वासेपुर गैंग से संबंधों की भी हो चुकी है जांच
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में रांची पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान वासेपुर गैंग से जुड़े मामलों की जांच में भी रिया सिन्हा के कथित संबंध सामने आए थे। इसी आधार पर एजेंसियां उसके संपर्कों और गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हालांकि, इन मामलों में अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
जांच जारी, बढ़ाई गई सुरक्षा
फिलहाल रिया सिन्हा को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चाईबासा मंडल कारा में रखा गया है। पुलिस बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेजों की फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इनके माध्यम से किन-किन लोगों से संपर्क किया गया।
रिया सिन्हा के पास से जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री मिलने का मामला झारखंड की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। फिलहाल मोबाइल, सिम कार्ड और बरामद नोट्स की जांच जारी है, जबकि पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि क्या इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि या गिरोह के संचालन के लिए किया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।






