8 साल का शिवभक्त बना आस्था का प्रतीक — साइकिल से 3400 KM यात्रा कर बाबा धाम पहुंचा यशराज

8 साल का शिवभक्त

देवघर: देवघर के बाबा धाम में सावन के महीने की तीसरी सोमवारी पर ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया। गया से आया मात्र 8 साल का यशराज, अपनी निस्वार्थ भक्ति और अद्भुत साहस के साथ सबका ध्यान खींच रहा है।

झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी में सावन के पावन महीने में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इन्हीं में शामिल हुआ एक अनोखा कांवरिया — 8 वर्षीय यशराज, जो गया (बिहार) से साइकिल चलाकर सुल्तानगंज होते हुए देवघर पहुंचा।

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यशराज का यह कोई पहला तीर्थ नहीं था। इसके पहले वह अयोध्या, काशी विश्वनाथ, वैष्णो देवी, हरिद्वार-ऋषिकेश जैसे कई धार्मिक स्थलों की यात्रा भी साइकिल से कर चुका है। उसके पिता प्रकाश गुप्ता ने बताया कि यशराज ने 29 दिनों में 3400 किलोमीटर की यात्रा साइकिल से पूरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज कराया है।

इस बार यशराज का उद्देश्य कुछ और था। अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए उसने यह यात्रा की। गया से सुल्तानगंज तक साइकिल चलाकर पहुंचा, फिर 12 लीटर गंगाजल लेकर देवघर तक कांवर यात्रा पूरी की और बाबा को जल अर्पित किया।

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नन्हे कांवरिय यशराज का कहना है कि मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं कि सबकी आत्मा को शांति मिले और हमारे देश का भविष्य उज्जवल हो।

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पिता प्रकाश गुप्ता कहते है कि मेरा बेटा सनातन धर्म के प्रचार के लिए यह यात्रा करता है। मैं उसकी आस्था और साहस का सम्मान करता हूं और उसका साथ देता हूं।

स्थानीय लोगों ने इस नन्हे शिवभक्त की सराहना करते हुए कहा कि जहां बड़े-बड़े कांवरिए भी थक जाते हैं, वहां यह बच्चा प्रतिदिन 100 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपनी भक्ति का परिचय दे रहा है। उसकी साधना और श्रद्धा आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई है।

श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ तो हर साल उमड़ती है, लेकिन 8 साल के यशराज जैसी आस्था और साहस विरले ही देखने को मिलता है। शायद यही है सच्ची भक्ति की पहचान — न उम्र की सीमा, न दूरी की बाधा, सिर्फ एक विश्वास और समर्पण। हर हर महादेव!

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