कोले स्टेशन के पास गोलियों की गूंज: दंपति पर ताबड़तोड़ फायरिंग, पत्नी की मौके पर मौत
पिपरवार/रांची: झारखंड में अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सुनसान सड़कों पर आम लोग भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। ताजा मामला कोले रेलवे स्टेशन के समीप का है, जहां अज्ञात अपराधियों ने बाइक सवार दंपति पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में 28 वर्षीय मंजू देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति विकास प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए।
खरीदारी कर लौट रहे थे, रास्ते में बरसी गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति अपनी पत्नी मंजू देवी के साथ मोटरसाइकिल से रामगढ़ से खरीदारी कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वे पिपरवार और केरेडारी थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित पुलिया के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। हमला इतना अचानक और तीव्र था कि दंपति को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सिर में गोली लगते ही पत्नी की मौत
फायरिंग के दौरान मंजू देवी के बाएं कनपटी में गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं विकास प्रजापति की बायीं बांह में गोली लगी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत बचरा क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मंजू देवी को मृत घोषित कर दिया।
पति की हालत गंभीर, रिम्स रेफर
विकास प्रजापति का प्राथमिक उपचार किया गया और उनकी बांह से गोली निकाली गई। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया गया है।डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है।
इलाके में दहशत, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है और संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।
साजिश या रैंडम क्राइम? उठ रहे कई सवाल
इस वारदात के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। क्या यह किसी पुरानी रंजिश का परिणाम है या फिर सुनसान सड़क पर मौका देखकर की गई वारदात—इसको लेकर पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
कानून व्यवस्था पर फिर सवाल
दिनदहाड़े या शाम के समय इस तरह की फायरिंग की घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। आम लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिपरवार की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले का खुलासा कितनी तेजी से करती है और क्या अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर न्याय दिलाया जा सकेगा।






