गिरिडीह में पत्थर खदान बना रणक्षेत्र — गोलीबारी में एक की मौत, कई घायल
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के दलिया गांव स्थित एक पत्थर खदान में खदान संचालक और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान खदान संचालक के गुंडों द्वारा की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मृतक की पहचान चचघरा गांव निवासी सुरेश प्रसाद वर्मा के रूप में हुई है।
गोलीबारी से मचा हड़कंप, इलाके में तनाव
घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दलिया स्थित पत्थर खदान पर ग्रामीणों और खदान संचालक के गुंडों के बीच झड़प हो गई। तनाव इतना बढ़ गया कि खदान संचालक के पक्ष से फायरिंग शुरू कर दी गई।
गोली लगने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरेश प्रसाद वर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अन्य घायलों को जमुआ अस्पताल और गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खदान पुनः शुरू करने को लेकर बढ़ा विवाद
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक,यह पत्थर खदान पिछले कुछ महीनों से बंद थी। हाल ही में बिहार के नवादा जिले के एक पत्थर माफिया ने इस खदान को अपने कब्जे में लेकर पुनः संचालन शुरू करने की कोशिश की थी।
ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया, क्योंकि वे इसे अवैध खनन और प्रदूषण का कारण बता रहे थे।
शुक्रवार शाम को दो स्थानीय युवक खदान क्षेत्र में घूमने गए थे, जहां उनके साथ खदान संचालक के गुंडों ने मारपीट की और उनके मोबाइल फोन तोड़ दिए। इसी घटना के विरोध में शनिवार सुबह ग्रामीण बड़ी संख्या में लाठी-डंडा लेकर खदान की ओर पहुंचे। इसी दौरान दोनों पक्षों में हिंसक झड़प और गोलीबारी हो गई।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही गिरिडीह पुलिस मौके पर पहुंची। जमुआ थाना प्रभारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस ने कहा —
“गोलीबारी में एक की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं। घटना की जांच शुरू कर दी गई है। दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।”
इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाकों में फोर्स बढ़ा दी है और
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है। दलिया खदान की यह घटना झारखंड में पत्थर माफिया और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बढ़ते टकराव की एक और कड़ी है। गोलीबारी की इस वारदात ने प्रशासनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और खदान संचालक एवं उनके गुंडों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।








