सीएम हेमंत सोरेन का मास्टर स्ट्रोक: किसानों को 2450 MSP, 48 घंटे में भुगतान

Farmers Relief

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर किसानों और युवाओं के हित में बड़ा और राजनीतिक रूप से अहम फैसला लेकर विरोधियों को चौंका दिया है। सोमवार को हुई झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक में कुल 33 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे बड़ा और प्रभावी निर्णय धान अधिप्राप्ति से जुड़ा रहा।

कैबिनेट ने किसानों से धान खरीद के एवज में 48 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही किसानों को अब प्रति क्विंटल 2450 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलेगा, जिसमें 100 रुपये का राज्य सरकार का बोनस शामिल है।

48 घंटे में भुगतान, एक सप्ताह में अंतिम सीमा
कैबिनेट ने किसानों के लिए राहत भरा फैसला लेते हुए राज्य धान अधिप्राप्ति योजना को वित्त वर्ष 2025-26 से लागू करने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अब किसानों को धान बेचने के बाद

  • 48 घंटे के भीतर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा
  • विशेष परिस्थिति में अधिकतम एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा

यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अब तक किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक संकट में फंस जाते थे।

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2G नहीं, अब खरीफ में 4G POS मशीनें
कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर अब 2G की जगह 4G आधारित POS मशीनें लगाई जाएंगी। इससे किसानों का सत्यापन तेज होगा,फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी | सरकार का दावा है कि इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पैसा सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगा।

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बालूमाथ और सिमरिया को बड़ी सौगात: डिग्री कॉलेज मंजूर
कैबिनेट बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया।

  • बालूमाथ (लातेहार) में डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए 78 करोड़ 42 लाख रुपये
  • सिमरिया (चतरा) में डिग्री कॉलेज के लिए 34 करोड़ 62 लाख 10 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

रांची विश्वविद्यालय के कॉलेजों में पद पुनर्गठन
कैबिनेट ने रांची विश्वविद्यालय अंतर्गत अंगीभूत कॉलेजों में शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को भी हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा संबद्धता प्राप्त उप-शास्त्री और शास्त्री स्तर के संस्कृत कॉलेजों में कार्यरत कर्मियों को पंचम, छठा, सातवां वेतनमान देने की भी मंजूरी दी गई है।

छात्रों और डॉक्टरों को भी राहत
कैबिनेट बैठक में छात्रों और मेडिकल शिक्षकों के लिए भी अच्छी खबर आई—

  • गोड्डा राजकीय होम्योपैथिक विश्वविद्यालय के इंटर्न विद्यार्थियों का स्टाइपेंड
  • 10,000 रुपये से बढ़ाकर 17,500 रुपये कर दिया गया
  • वहीं RIMS रांची के
  • 15 सहायक प्राध्यापकों को
  • 1 जुलाई 2019 से प्रभावी तिथि के साथ
  • प्राध्यापक पद पर प्रमोशन देने की स्वीकृति दी गई

यह कैबिनेट फैसला साफ संकेत देता है कि 2025-26 से पहले सरकार किसानों, युवाओं और कर्मचारियों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। धान MSP, तेज भुगतान, शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश |

ये सभी फैसले न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक मास्टर स्ट्रोक भी माने जा रहे हैं। हेमंत सोरेन सरकार ने यह जता दिया है कि उसकी प्राथमिकता — किसान, छात्र और कर्मचारी हैं। अब देखना होगा कि इन फैसलों का असर ज़मीन पर कितनी तेजी और ईमानदारी से दिखता है।

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