Hazaribagh Petrol Diesel Crisis: ‘नो स्टॉक’ से हाहाकार, पंपों पर लंबी कतारें
हजारीबाग: हजारीबाग में पिछले कुछ घंटों से पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे शहर की रफ्तार थम सी गई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए हैं। इस अचानक पैदा हुए ईंधन संकट ने न केवल आम लोगों को परेशान किया है, बल्कि पूरे परिवहन सिस्टम को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
सबसे खराब स्थिति शहर के कारगिल पेट्रोल पंप और उसके आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रही है, जहां वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। रविवार सुबह से ही लोग पेट्रोल की उम्मीद में पंपों के बाहर जमा होने लगे थे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, स्थिति और भी गंभीर होती चली गई। भीषण गर्मी के बीच लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
कई जगहों पर ऐसे दृश्य भी देखने को मिले, जहां लोगों की गाड़ियों का पेट्रोल रास्ते में ही खत्म हो गया और उन्हें अपनी बाइक या कार धक्का मारकर पेट्रोल पंप तक ले जाना पड़ा। यह नजारा इस संकट की गंभीरता को साफ दर्शाता है। शहर के अलग-अलग इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है, जहां हर व्यक्ति किसी भी तरह पेट्रोल पाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि वह पिछले तीन घंटे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अब पंप कर्मी यह कह रहे हैं कि स्टॉक खत्म होने वाला है। उनके मुताबिक, “समझ नहीं आ रहा कि काम पर जाएं या पेट्रोल के लिए लाइन में खड़े रहें। अगर तेल नहीं मिला तो पूरा दिन बर्बाद हो जाएगा।” उनकी तरह सैकड़ों लोग इसी असमंजस में फंसे हुए हैं।
रविवार सुबह से ही हजारीबाग के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म होने की सूचना चस्पा कर दी गई है। कई पंपों ने साफ तौर पर ग्राहकों को बता दिया है कि फिलहाल उनके पास कोई स्टॉक उपलब्ध नहीं है। इससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि यह स्थिति कब तक बनी रहेगी।
इस संकट का असर केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऑटो, बस और टैक्सी चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर किराया बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, क्योंकि चालकों के पास पर्याप्त ईंधन नहीं है और वे सीमित ट्रिप ही कर पा रहे हैं।
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति सप्लाई चेन में बाधा या अचानक मांग बढ़ने के कारण उत्पन्न होती है, जिसे समय रहते नियंत्रित करना जरूरी होता है।
कुल मिलाकर, हजारीबाग में पेट्रोल और डीजल की कमी ने आम लोगों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। अगर जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर और भी व्यापक हो सकता है। फिलहाल लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही पेट्रोल पंपों पर सप्लाई बहाल होगी और उन्हें इस संकट से राहत मिलेगी।






