बंद घर को बनाया निशाना: बर्मामाइंस में IRB जवान के घर से ₹50 लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी
जमशेदपुर: शहर में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के कैलाश नगर का है, जहां चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाकर लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। यह चोरी किसी आम व्यक्ति के घर में नहीं, बल्कि आईआरबी जवान नितेश कुमार झा के घर में हुई है, जिससे घटना की गंभीरता और भी बढ़ जाती है।
ताला तोड़कर घर में घुसे चोर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नितेश कुमार झा का पूरा परिवार किसी काम से बाहर गया हुआ था। घर की देखरेख के लिए चाबी पड़ोसी को दी गई थी, लेकिन इसी दौरान चोरों ने मौके का फायदा उठाया। रविवार सुबह जब पड़ोसी घर का हाल देखने पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ पाया गया। यह देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत परिवार को इसकी सूचना दी गई।
अंदर का नजारा देख उड़ गए होश
परिजन जब मौके पर पहुंचे और घर के अंदर गए, तो हर तरफ सामान बिखरा हुआ मिला। अलमारियां खुली थीं, लॉकर टूटे हुए थे और कीमती सामान गायब था। घर के इस हालात को देखकर साफ था कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे और आराम से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

₹50 लाख के जेवर और नगदी पर हाथ साफ
परिजनों के अनुसार, चोर घर से करीब ₹50 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए हैं। इतनी बड़ी रकम की चोरी ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
पुलिस जांच में जुटी, तकनीकी साक्ष्य खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही चोरी की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे सुनसान घरों को आसानी से निशाना बना रहे हैं।
पुलिस के सामने चुनौती
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि इस हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले का जल्द खुलासा करे और आरोपियों को गिरफ्तार करे। क्योंकि मामला एक सुरक्षाबल के जवान के घर से जुड़ा है, इसलिए इस पर प्रशासनिक दबाव भी बढ़ सकता है।जमशेदपुर में हुई यह घटना न सिर्फ एक बड़ी चोरी है, बल्कि यह शहर की कानून-व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर संकेत है। बंद घरों की सुरक्षा, पड़ोसियों की सतर्कता और पुलिस गश्त—इन सभी पर अब फिर से सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले का खुलासा कितनी तेजी से करती है और क्या चोरी गए सामान की बरामदगी हो पाती है या नहीं।






