टाटानगर स्टेशन के पास खून से सनी सड़क: लोको पायलट जीके गौतम की गोली मारकर हत्या, शहर में दहशत

Loco Pilot Murder

जमशेदपुर: शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाके भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। ताजा मामला बागबेड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास देर रात लोको पायलट जीके गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ड्यूटी खत्म कर लौट रहे थे, घात लगाकर बैठे थे हमलावर
मिली जानकारी के अनुसार, लोको पायलट जीके गौतम कांड्रा से मालगाड़ी लेकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे थे। ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह पैदल ही रेलवे ट्रैफिक कॉलोनी स्थित संयुक्त चालक एवं परिचालक लॉबी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान लॉबी गेट के पास पहले से घात लगाए बाइक सवार दो अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। गौतम कुछ समझ पाते उससे पहले ही बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
गोली लगने के बाद गौतम सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें रेलवे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया।

वारदात के बाद फरार हुए अपराधी
हमले के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफलता हासिल की। यह घटना इस बात का संकेत है कि अपराधियों ने पूरी योजना के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।

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पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलते ही ललित मीणा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है। तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

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रेलकर्मियों में आक्रोश और दहशत
लोको पायलट की इस निर्मम हत्या के बाद रेलकर्मियों में भारी आक्रोश है। रेलवे कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

शहर की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल
रेलवे स्टेशन जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में इस तरह की हत्या यह दर्शाती है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई भय नहीं बचा है। यह घटना पुलिस गश्त, निगरानी और सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करती है। जमशेदपुर में हुई यह हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस इस मामले का जल्द खुलासा कर पाएगी और अपराधियों को सजा दिला पाएगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

रिपोर्ट: बिनोद केसरी, जमशेदपुर

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