गिरिडीह में गोलगप्पा खाने से 42 लोग बीमार, एक की मौत
DC रामनिवास यादव ने लिया जायजा
गिरिडीह: जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत कुम्हरगड़िया और बजटो गांव में गोलगप्पा खाने से 42 लोगों के बीमार होने और एक की मौत की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और देर रात खुद उपायुक्त रामनिवास यादव गांव पहुंचे। डीसी के साथ एसडीएम श्रीकांत विस्पुते और एसडीपीओ जीतबाहन उरांव भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने गांव में घर-घर जाकर उन मरीजों से मुलाकात की, जिनका इलाज घर पर चल रहा था। साथ आए चिकित्सकों को डीसी ने आवश्यक निर्देश दिए और मरीजों के समुचित इलाज सुनिश्चित करने को कहा।
गोलगप्पा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि गोलगप्पा बेचने वाला व्यक्ति पालमो गांव का निवासी है, जो अक्सर इस इलाके में आता रहता है। शनिवार को भी वह गोलगप्पा बेचने पहुंचा था। बताया गया कि दिन के पहले हिस्से में गोलगप्पा खाने वाले लोगों की तबीयत सामान्य रही, लेकिन दूसरे पहर में खाने वालों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। रविवार सुबह तक स्थिति और गंभीर हो गई, जब बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत करने लगे।
पहले गांव में इलाज, फिर अस्पताल की दौड़
शुरुआत में ग्रामीणों ने बीमार लोगों का इलाज गांव में ही कराने की कोशिश की, लेकिन जब मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी तो उन्हें सदर अस्पताल गिरिडीह ले जाया गया। स्थानीय लोगों की मदद से कई मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन घटना ने खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल
गांव पहुंचे डीसी के सामने ग्रामीणों ने एम्बुलेंस सेवा को लेकर भी शिकायत की। लोगों ने बताया कि 108 एम्बुलेंस को कॉल करने के बावजूद वाहन काफी देर से पहुंचा। इतना ही नहीं, एम्बुलेंस चालक एक साथ कई मरीजों को ले जाने के लिए भी तैयार नहीं था। इस वजह से कई मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल ले जाना पड़ा। डीसी रामनिवास यादव ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का भरोसा दिया है।
मृतक के परिजनों से मिले DC
इस घटना में एक बच्चे की मौत की खबर से गांव में शोक का माहौल है। डीसी ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग भी रखी, जिस पर डीसी ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
सावधानी और जागरूकता पर जोर
डीसी ने ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि गांव में मेडिकल कैंप लगाकर सभी प्रभावित लोगों की जांच और इलाज सुनिश्चित किया जाए।
गिरिडीह की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।






