नारी शक्ति के समर्थन में सड़कों पर उतरेगी भाजपा: रांची में 28 अप्रैल को मशाल जुलूस
रांची: रांची में भारतीय जनता पार्टी द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में 28 अप्रैल की शाम एक बड़ा मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान, महिलाओं से भागीदारी की अपील
इस कार्यक्रम की जानकारी पूर्णिमा साहू ने रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि यह मशाल जुलूस केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार और सम्मान की आवाज को बुलंद करने का प्रयास है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इस जुलूस में शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाएं।
विपक्ष पर निशाना, बताया ‘महिला विरोधी मानसिकता’
विधायक पूर्णिमा साहू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने अपनी महिला विरोधी सोच को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने संसद में इस बिल का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों के प्रति अपनी असंवेदनशीलता दिखाई है।
महिला आरक्षण, जनगणना और परिसीमन का संबंध
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण, जनगणना और परिसीमन आपस में जुड़े हुए विषय हैं। उनका कहना था कि परिसीमन लागू होने के बाद राज्यों में सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है, जिससे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार हर हाल में परिसीमन लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का आरोप
पूर्णिमा साहू ने विपक्षी दलों पर जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकार और समान भागीदारी के लिए लगातार काम कर रही है और यह मशाल जुलूस उसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
राजनीतिक संदेश के साथ जनसंपर्क का प्रयास
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मशाल जुलूस केवल समर्थन कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के बीच एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने की रणनीति का हिस्सा भी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा महिलाओं के मुद्दों पर अपनी सक्रियता दिखाने के साथ-साथ विपक्ष को घेरने की कोशिश कर रही है।
रांची में होने वाला यह मशाल जुलूस आने वाले समय में राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस आयोजन में कितनी बड़ी भागीदारी होती है और इसका राजनीतिक असर किस दिशा में जाता है।






