बजट सत्र में घमासान: लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष

Om Birla

नई दिल्ली : संसद का बजट सत्र 2026 अब तक लगातार हंगामेदार बना हुआ है। विपक्षी सांसदों के विरोध और नारेबाजी के चलते सोमवार को भी लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इसी बीच बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है कि विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष बजट सत्र 2026 के दूसरे चरण में यह प्रस्ताव पेश कर सकता है, क्योंकि नियमों के अनुसार इसके लिए 20 दिन का नोटिस देना अनिवार्य होता है।

अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे क्या वजहें हैं?
विपक्ष द्वारा बताए गए कारणों में कई गंभीर आरोप शामिल हैं—

  • लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
  • पीठासीन अधिकारी द्वारा महिला सांसदों का नाम लेकर टिप्पणी करने का आरोप।
  • सत्तापक्ष के कुछ सांसदों को लगातार विशेषाधिकार दिए जाने का दावा।
  • आठ विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया जाना।

विपक्ष का कहना है कि ये घटनाएं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।

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राहुल गांधी के बयान से बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह लोकसभा में उस समय भारी हंगामा हुआ, जब राहुल गांधी ने चीन के साथ 2020 के सीमा गतिरोध का उल्लेख करते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक का हवाला दिया था। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने आदेश पारित कर राहुल गांधी को अप्रकाशित साहित्य का हवाला देने से रोका।

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प्रधानमंत्री को लेकर भी हुआ खुलासा
5 फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने सदन में यह भी कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोकसभा में न आने का आग्रह किया था, क्योंकि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक जाने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।

सात मिनट में स्थगित हुई कार्यवाही
सोमवार को जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्ष ने भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने सांसदों से संयम बरतने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने के बजाय और तेज हो गया।

स्पीकर ने कहा—

“सदन बहस और चर्चा के लिए है, बाधा डालने के लिए नहीं। सभी को बोलने का अवसर मिलेगा।”

इसके बावजूद लगातार नारेबाजी जारी रहने पर लोकसभा की कार्यवाही महज सात मिनट में दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बजट चर्चा भी प्रभावित
सोमवार को संसद के दोनों सदनों में यूनियन बजट 2026-27 पर चर्चा प्रस्तावित थी, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किया था। यह उनका लगातार नौवां बजट था, लेकिन हंगामे के कारण चर्चा सुचारू रूप से नहीं हो सकी।

आगे क्या?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर विपक्ष वाकई अविश्वास प्रस्ताव लाता है, तो यह बजट सत्र 2026 को और ज्यादा टकरावपूर्ण बना सकता है। फिलहाल संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित होने से विधायी कामकाज ठप पड़ा हुआ है।

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