हिरासत के बाद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी रिहा, हजारीबाग में सियासत गरमाई
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार 19 फरवरी की शाम हिरासत में लिए गए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी को देर रात रिहा कर दिया गया। पुलिस ने दोनों नेताओं को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ के लिए थाने ले जाया था। देर रात कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
NTPC परियोजना आंदोलन के दौरान हुई थी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, दोनों नेता NTPC की चट्टी बरियातू कोयला परियोजना से जुड़े आंदोलन के दौरान मौके पर मौजूद थे। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें हिरासत में लिया गया था। पुलिस का दावा है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई।
समर्थकों ने बताया आंदोलन दबाने की कोशिश
गिरफ्तारी और फिर रिहाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है और इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रशासन का दावा – स्थिति सामान्य
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और सभी कदम उसी दिशा में उठाए जा रहे हैं।
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और निर्मला देवी की रिहाई के बाद अब यह मामला राजनीतिक रूप से और गरमाता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य की सियासत में और बयानबाजी तेज होने की संभावना है।




