इस महीने चौथी बार महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, ईरान जंग का सीधा असर
पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा, 10 दिनों में लगातार चौथी बढ़ोतरी
नई दिल्ली: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। इस महीने चौथी बार तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं। ताजा बढ़ोतरी के तहत पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया है। तेल कंपनियों की ओर से यह फैसला ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के बाद लिया गया है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब आम जनता पर ईंधन महंगाई का बोझ डाला गया है। इससे पहले भी मई महीने में तीन बार कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है।
ईरान जंग से बढ़ा दबाव
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट का सीधा असर वैश्विक तेल सप्लाई पर पड़ा है। भारत समेत कई बड़े आयातक देशों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति महंगी हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार ऊपर बनी हुई हैं, जिससे भारतीय तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
कितनी बढ़ी कुल कीमत?
चार बार की बढ़ोतरी के बाद मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर करीब ₹7 से ₹8 प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।
आम जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ
ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ेगी, जिसका असर सब्जियों, राशन, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जल्द नहीं घटा तो आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी संभव है।
क्या आगे मिल सकती है राहत?
हालांकि ईरान की ओर से संकेत मिले हैं कि अगले 30 दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य सामान्य हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कच्चे तेल की सप्लाई बेहतर होगी और कीमतों में नरमी आ सकती है। फिलहाल देशभर के उपभोक्ताओं को महंगे पेट्रोल-डीजल का सामना करना पड़ेगा और तेल बाजार की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिकी हुई है।




