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रांची में I-GOT कर्मयोगी कार्यशाला, मंत्री दीपिका बोलीं- दिमाग ही नहीं दिल से भी करें काम

I-GOT Karmayogi Workshop Ranchi

SIRD सभागार में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित, उप समाहर्ता सह BDO को दिया संवेदनशील प्रशासन का संदेश

रांची: राजधानी रांची के SIRD सभागार में सोमवार को I-GOT कर्मयोगी पोर्टल की राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। इस दौरान राज्यभर के उप समाहर्ता सह बीडीओ कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को संवेदनशील प्रशासन की सीख देते हुए कहा कि अधिकारियों को केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल से भी सोचने और काम करने की जरूरत है।

“सरकारी दफ्तर आने वालों की पीड़ा समझें”
मंत्री ने कहा कि नंगे पांव उम्मीद लेकर सरकारी दफ्तर पहुंचने वाले लोगों की पीड़ा को समझना होगा। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति खाली हाथ वापस न लौटे। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ही सरकार का असली चेहरा होते हैं। आम जनता का सरकार पर भरोसा इन्हीं कार्यालयों की कार्यशैली से बनता है।

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योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिकारियों की अहम भूमिका
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीन पर उतारने में अधिकारियों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि चाहे मईया सम्मान योजना हो, अबुआ आवास योजना हो या सर्वजन पेंशन योजना—इन सभी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में अधिकारियों की सक्रियता निर्णायक है।

मंत्री ने कहा कि योग्य लाभुकों को तय समयसीमा के भीतर योजनाओं का लाभ दिलाना अधिकारियों की जवाबदेही है।

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मिशन कर्मयोगी समय की जरूरत
मंत्री ने मिशन कर्मयोगी को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि बदलते दौर में नवाचार और तकनीक के साथ कदमताल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र सीमा नहीं होती। समय के साथ खुद को अपडेट करने से कार्यक्षमता बढ़ती है और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आती है।

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पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश
कार्यशाला के दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा बढ़ती गर्मी को लेकर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन और प्रमुख चौक-चौराहों पर आम लोगों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

SIRD निदेशक ने AI के इस्तेमाल पर दिया जोर
कार्यशाला को संबोधित करते हुए SIRD के निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि काम को आसान और प्रभावी बनाने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे AI और नई तकनीकों से मिलने वाली जानकारियों का उपयोग अपने प्रशासनिक कार्यों में करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी जितना ज्यादा लोगों से जुड़ेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे, उतनी ही तेजी से समाधान संभव होगा। कार्यशाला में मिशन कर्मयोगी पोर्टल से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया और उनके सवालों के जवाब भी दिए।

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