गुमला नगर परिषद में वार्ड पार्षदों की तालाबंदी, विकास योजनाएं रोकने का आरोप; अध्यक्ष बोलीं- जनता विकास चाहती है
गुमला | अमित राज: झारखंड के गुमला नगर परिषद में गुरुवार (9 जुलाई 2026) को विकास कार्यों के ठप होने के विरोध में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी कर दी। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पहले से स्वीकृत योजनाओं का कार्य बिना स्पष्ट कारण के रोक दिया गया है, जिससे शहर में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद कार्यालय में अचानक हुई तालाबंदी के बाद कुछ समय के लिए प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित रहे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच हलचल मच गई।
अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने लगाए विकास कार्यों में बाधा के आरोप
नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने कहा कि गुमला की जनता ने उन्हें विकास कार्यों को गति देने के लिए चुना है, लेकिन विकास योजनाओं में लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े स्थानीय नेताओं की वजह से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना था कि जनता बेहतर सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाएं चाहती है, लेकिन योजनाओं के रुकने से शहर का विकास प्रभावित हो रहा है।
उपाध्यक्ष बोले- 32 योजनाओं का टेंडर हो चुका था, फिर क्यों रुका काम?
नगर परिषद के उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने बताया कि नगर परिषद की 32 विकास योजनाओं का टेंडर जारी हो चुका था और कई स्थानों पर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था। इसके बावजूद अचानक सभी कार्य रोक दिए गए। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्पष्ट सूचना या आदेश के निर्माण कार्य बंद होने से कई परियोजनाएं अधूरी रह गई हैं। सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, निर्माण सामग्री जगह-जगह पड़ी हुई है और गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। उपाध्यक्ष ने कहा कि बारिश के मौसम में अधूरे निर्माण कार्य लोगों के लिए और अधिक परेशानी का कारण बन रहे हैं।
वार्ड पार्षदों ने जताया विरोध
नगर परिषद के वार्ड पार्षदों ने कहा कि विकास कार्यों को शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अधूरी परियोजनाओं के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी विरोध के तहत सभी पार्षदों ने सामूहिक रूप से नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी कर अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
कार्यपालक पदाधिकारी ने क्या कहा?
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि अध्यक्ष द्वारा विकास कार्य बंद होने का कारण पूछा गया था। उन्होंने बताया कि कुछ योजनाओं से संबंधित उच्च स्तरीय जांच चल रही है, जिसके कारण कार्य अस्थायी रूप से रुके हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अध्यक्ष ने यह सवाल उठाया कि यदि कार्य रोकने का कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं है, तो योजनाओं को क्यों रोका गया। मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों की नाराजगी नगर परिषद कार्यालय या कर्मचारियों के प्रति नहीं है, बल्कि उनका विरोध वरीय प्रशासन के स्तर पर लिए गए निर्णयों को लेकर है।
शहर के विकास पर असर
गुमला नगर परिषद क्षेत्र में सड़क, नाली और अन्य बुनियादी विकास कार्य रुकने से नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में अधूरी परियोजनाओं के कारण जलजमाव, कीचड़ और आवागमन की समस्याएं बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन विकास कार्यों को दोबारा शुरू करने और विवाद का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाता है।





