रांची में कांके रोड से चिरौंदी तक नई सड़क को मंजूरी, 2.97 किमी सड़क बनने का रास्ता साफ
रांची: राजधानी रांची में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहर के विस्तार को नई गति देने वाली एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी मिल गई है। कांके रोड से चिरौंदी को जोड़ने वाली नई सड़क योजना को विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित योजना प्राधिकार समिति की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। अब इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा। इस मंजूरी के साथ ही लंबे समय से प्रस्तावित झिरगाटोली (कांके रोड) से चिरौंदी तक नई सड़क के निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। सड़क बनने के बाद राजधानी के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा।
2.97 किलोमीटर लंबी होगी नई सड़क
स्वीकृत परियोजना के तहत करीब 2.97 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क रांची के प्रस्तावित इनर रिंग रोड का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसके बनने से शहर के विभिन्न इलाकों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी और लोगों को लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इनर रिंग रोड के दूसरे सेक्शन का रास्ता साफ
यह सड़क रांची के इनर रिंग रोड परियोजना के दूसरे सेक्शन का हिस्सा है। फिलहाल पंडरा से कांके रोड तक पहले सेक्शन का निर्माण कार्य जारी है। वहीं चिरौंदी से लेम होते हुए बड़गाईं तक तीसरे सेक्शन पर भी काम चल रहा है। हालांकि, बीच का हिस्सा यानी कांके रोड से चिरौंदी तक का सेक्शन अब तक स्वीकृति के इंतजार में था। नई मंजूरी मिलने के बाद इनर रिंग रोड का यह महत्वपूर्ण लिंक भी पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
लोगों को मिलेगा सीधा रास्ता
नई सड़क बनने के बाद चिरौंदी और आसपास के इलाकों के लोगों को सीधे कांके रोड तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में इन क्षेत्रों के लोगों को कांके रोड जाने के लिए बोड़ेया, ब्लॉक चौक या मोरहाबादी मैदान होते हुए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। नई सड़क बनने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत होगी और शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि इनर रिंग रोड के विभिन्न हिस्सों के पूरा होने के बाद राजधानी के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। साथ ही शहर के बाहरी हिस्सों से आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या में भी काफी कमी आएगी।
दूसरी सड़क परियोजना को भी मिली मंजूरी
योजना प्राधिकार समिति की बैठक में केवल कांके रोड-चिरौंदी सड़क ही नहीं, बल्कि बरलंगा से गोला-मुरी तक 4.83 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन और बेहतर होगा तथा स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
अब दोनों सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। राज्य सरकार का कहना है कि सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए राजधानी सहित विभिन्न जिलों में आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। कांके रोड-चिरौंदी सड़क परियोजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






