जुलाई के पहले दिन सोना ₹1,900 और चांदी ₹6,000 सस्ती, 5 महीनों में ₹36 हजार टूटा गोल्ड; फिर भी बाजार में नहीं लौटे खरीदार
नई दिल्ली: जुलाई की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए बड़ी खबर लेकर आई है। 1 जुलाई को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना 1,900 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया, जबकि चांदी की कीमत में 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। सबसे बड़ी बात यह है कि फरवरी से लेकर जुलाई 2026 तक सोना करीब 36 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में खरीदारों की भीड़ नहीं लौट रही है।
जनवरी के रिकॉर्ड हाई से अब तक भारी गिरावट
इस साल 29 जनवरी को सोना अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। उस समय 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। अब 1 जुलाई तक इसकी कीमत घटकर लगभग 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है। यानी महज पांच महीनों में सोने की कीमत में करीब 36 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है।
वहीं एमसीएक्स (MCX) पर भी सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट चुका है। साल की शुरुआत में जहां इसकी कीमत करीब 1,92,991 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, वहीं अब यह घटकर करीब 1,42,546 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है।
कीमत घटी, लेकिन खरीदारी नहीं बढ़ी
आमतौर पर सोने की कीमत कम होने पर बाजार में खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार स्थिति उलट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार देश में सोने की मांग में करीब 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। आईबीजेए के सचिव सुरेंद्र मेहता के अनुसार, सरकार द्वारा गोल्ड पर आयात शुल्क बढ़ाने के बाद उपभोक्ता नया सोना खरीदने से बच रहे हैं। अधिकांश लोग पुराने गहनों को बेचकर या एक्सचेंज करके अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं।
आयात शुल्क बढ़ने का पड़ा बड़ा असर
13 मई 2026 को केंद्र सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी थी। इसके बाद से बाजार में नए सोने की मांग लगातार कमजोर बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने और कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण लोग निवेश के लिए भी फिलहाल इंतजार कर रहे हैं।
पुराने गहने बेच रहे लोग
सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराने गहने बेचकर नकदी जुटा रहे हैं। अप्रैल से जून 2026 के बीच भारतीयों ने करीब 50 टन पुराना सोना बेच दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को अभी भी डर है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। यही वजह है कि ग्राहक फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टूटा सोना
ग्लोबल मार्केट में भी सोने पर दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे फिसल गई है। 1 जुलाई को स्पॉट गोल्ड करीब 3,981.69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो पिछले कई महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य-पूर्व में तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की संभावना के कारण निवेशकों का रुझान सोने से कम हुआ है।
छोटे कारोबारियों पर बढ़ा संकट
सोने की मांग घटने का सबसे बड़ा असर ज्वैलरी उद्योग पर दिखाई दे रहा है। देशभर के लाखों छोटे-बड़े ज्वैलर्स और कारीगरों के सामने कारोबार का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि बिक्री घटने से रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। छोटे शहरों और कस्बों में ज्वैलरी कारोबार पहले की तुलना में काफी धीमा हो गया है।
आज का गोल्ड रेट
1 जुलाई के अनुसार घरेलू बाजार में प्रमुख दरें इस प्रकार हैं—
- 24 कैरेट सोना: ₹1,38,876 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,27,772 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹1,08,576 प्रति 10 ग्राम
चांदी की कीमत में भी आज ₹6,000 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।
क्या आगे और सस्ता होगा सोना?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना रहा और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी साबित हो सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार का रुख सतर्क बना हुआ है।
जुलाई के पहले दिन सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। पांच महीनों में सोना करीब ₹36 हजार प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है, जबकि 1 जुलाई को अकेले ₹1,900 की गिरावट आई। इसके बावजूद बाजार में खरीदारी नहीं बढ़ी है। आयात शुल्क बढ़ने, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और आगे कीमत घटने की आशंका के चलते उपभोक्ता फिलहाल नई खरीदारी से बच रहे हैं।






