LPG के बाद पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता, 1 जुलाई से 200 लीटर वाली पाबंदी भी खत्म; पेट्रोल एक्सपोर्ट पर बढ़ा टैक्स
नई दिल्ली: जुलाई की शुरुआत आम लोगों और उद्योग जगत के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आई है। 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183 की कटौती के बाद अब ईंधन के मोर्चे पर भी राहत मिली है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने 1 जुलाई से पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर कम कर दी है। इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बल्क खरीद पर लगी पाबंदी हटा दी है, जबकि पेट्रोल के निर्यात (एक्सपोर्ट) पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है। इन फैसलों का असर आम उपभोक्ताओं से लेकर उद्योग, परिवहन और तेल कंपनियों तक पर पड़ने वाला है।
नायरा ने पेट्रोल-डीजल किया सस्ता
नायरा एनर्जी ने मंगलवार से अपने सभी रिटेल आउटलेट्स पर पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने की घोषणा की है। कंपनी ने पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता कर दिया है। देशभर में नायरा के 7,000 से अधिक पेट्रोल पंप हैं, जहां ग्राहक नई दरों का लाभ उठा सकेंगे। हाल के महीनों में यह पहली बार है जब किसी निजी तेल कंपनी ने ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी कटौती की है।
सिर्फ नायरा के पंपों पर मिलेगा फायदा
यह राहत केवल नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों तक सीमित है। देश की सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी यदि आप सरकारी पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदते हैं, तो आपको पहले जैसी ही कीमत चुकानी होगी। उदाहरण के तौर पर दिल्ली में सरकारी कंपनियों के पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कच्चे तेल में गिरावट का मिला फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने, अमेरिका और ईरान के बीच हालात सामान्य होने की उम्मीद तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बहाल होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। कुछ समय पहले ब्रेंट क्रूड ऑयल 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 70 से 73 डॉलर प्रति बैरल के बीच आ गया है। इसी वजह से नायरा एनर्जी ने ग्राहकों को राहत देने का फैसला लिया है।
200 लीटर वाली पाबंदी भी हुई खत्म
सरकार ने 1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल की बल्क बिक्री पर लगी रोक भी हटा दी है। दरअसल, 11 जून को देश के कुछ हिस्सों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार ने बल्क खरीद पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। इसके तहत एक वाहन में प्रतिदिन सीमित मात्रा में ही डीजल भरवाने की अनुमति थी। अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद फैक्ट्रियों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और अन्य बड़े उपभोक्ताओं के लिए बल्क में ईंधन खरीदना फिर से संभव हो गया है।
पेट्रोल एक्सपोर्ट पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स
सरकार ने 1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल के निर्यात शुल्क (Export Duty) में भी बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत— पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स ₹1.50 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल के निर्यात पर शुल्क ₹14 प्रति लीटर से घटाकर ₹8.50 प्रति लीटर कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू ईंधन आपूर्ति और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा।
कमर्शियल LPG भी हुआ सस्ता
ईंधन के साथ-साथ 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी ₹183 की कटौती की गई है। इससे होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी। हालांकि घरेलू 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
नायरा एनर्जी के ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल पर सीधी राहत मिलेगी, जबकि कमर्शियल एलपीजी सस्ता होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की लागत कम हो सकती है। वहीं बल्क बिक्री पर लगी रोक हटने से परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, इसलिए अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें पहले जैसी ही बनी रहेंगी।
1 जुलाई से ईंधन क्षेत्र में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। कमर्शियल LPG ₹183 सस्ता होने के बाद नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता कर दिया है। साथ ही बल्क ईंधन खरीद पर लगी रोक हटा दी गई है और पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया गया है। हालांकि, यह राहत फिलहाल केवल नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों तक सीमित है, जबकि सरकारी तेल कंपनियों ने अपने खुदरा ईंधन दामों में कोई बदलाव नहीं किया है।






